*हरियाणा दिवस पर खुर्मपुर में 2121 मिट्टी के दीप प्रज्वलित कर दिया स्वदेशी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश*
Posted On:
02 Nov 2026 5:21PM
*हरियाणा दिवस पर खुर्मपुर में 2121 मिट्टी के दीप प्रज्वलित कर दिया स्वदेशी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश*
*10वें मिशन माटी दीप महोत्सव में हरियाणा माटी कला बोर्ड के चेयरमैन अनूप कुमार प्रजापति ने की शिरकत*
*मिट्टी के उत्पादों को अपनाकर पारंपरिक कारीगरों की आजीविका मजबूत करने का किया आह्वान*
गुरुग्राम, 2 नवंबर।
हरियाणा दिवस के अवसर पर 1 नवंबर को ग्राम खुर्मपुर, ब्लॉक फर्रुखनगर में 10वें मिशन माटी दीप महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 2121 मिट्टी के दीपों का सामूहिक प्रज्वलन मुख्य आकर्षण रहा। इस अवसर पर मिट्टी के बर्तनों में चाय एवं अन्य खाद्य सामग्री वितरित कर मिट्टी से बने पारंपरिक उत्पादों के उपयोग को भी प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन समस्त प्रजापति समाज, ग्राम खुर्मपुर एवं प्रजापति कुंभकार संघ (रजि.), फर्रुखनगर के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
कार्यक्रम में हरियाणा माटी कला बोर्ड के चेयरमैन अनूप कुमार प्रजापति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। जिला पार्षद एडवोकेट यशपाल विशिष्ट अतिथि रहे, जबकि ग्राम पंचायत खुर्मपुर की सरपंच अंजू बाला ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
मुख्य अतिथि अनूप कुमार प्रजापति ने हरियाणा दिवस की प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मिट्टी कला हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। मिट्टी के बर्तन और दीप बनाने वाले कारीगर अपनी पीढ़ियों से इस पारंपरिक कला को सहेजते और आगे बढ़ाते आ रहे हैं। ऐसे में हमारा दायित्व है कि हम उनके हुनर को सम्मान दें और उनके द्वारा तैयार उत्पादों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
उन्होंने कहा कि दीपावली जैसे त्योहारों पर मिट्टी के दीपों का अधिक से अधिक उपयोग करके स्थानीय कारीगरों की आजीविका को मजबूती प्रदान की जा सकती है। साथ ही मिट्टी से बने उत्पाद पर्यावरण के अनुकूल होने के कारण पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने समाज के लोगों से स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने तथा पारंपरिक कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया।
महोत्सव में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से प्रजापति समाज के लोगों, गणमान्य व्यक्तियों और परिवारों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। 2121 मिट्टी के दीपों का प्रज्वलन भारतीय संस्कृति, परंपरा और स्वदेशी भावना का प्रतीक बना। आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मिट्टी के दीप केवल रोशनी का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान, स्थानीय कारीगरों के सम्मान और आत्मनिर्भरता के संकल्प के प्रतीक भी हैं।
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(Release ID: 10467)