कुरुक्षेत्र, 6 मई। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा ने कहा कि योग का हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है, क्योंकि यह शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन स्थापित करता है। यह तनाव कम करने, शरीर को लचीला व मजबूत बनाने, एकाग्रता बढ़ाने और जीवन को अनुशासित बनाने में मदद करता है। नियमित योग से रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे मोटापा, मधुमेह और हृदय संबंधी रोगों से बचाव होता है। अहम पहलू यह है कि आयुष विभाग द्वारा ब्रह्मसरोवर पर आपदा एवं बाढ़ प्रशिक्षकों के लिए योग सत्र का आयोजन किया जाएगा।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. मंजू शर्मा ने आज यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि आयुष विभाग की डॉ. पूजा द्वारा गांव मुरादनगर की आंगनवाड़ी में एवं डॉ सपना द्वारा गांव मेहरा, खरकली में नि:शुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि मुरादनगर आंगनवाड़ी में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में कुल 54 मरीजों का परीक्षण एवं उपचार किया गया। आवश्यकतानुसार लाभार्थियों को नि:शुल्क औषधियां वितरित की गईं तथा योग सत्र के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता प्रदान की गई। गांव मेहरा में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में 93 लाभार्थियों ने सेवाओं का लाभ उठाया।
उन्होंने कहा कि योग कोऑर्डिनेटर डॉ. जागीर द्वारा ब्रह्मसरोवर पर आपदा एवं बाढ़ प्रशिक्षकों के लिए एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। आयुर्वेद में योग को समग्र स्वास्थ्य की प्राप्ति का एक महत्वपूर्ण साधन माना गया है और योग इसी संतुलन को स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। योगासन, प्राणायाम और ध्यान के माध्यम से शरीर की शुद्धि, मन की एकाग्रता तथा मानसिक शांति प्राप्त होती है। आयोजित योग सत्र में राजस्व एवं बाढ़ से जुड़े लगभग 35 प्रशिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग विशेषज्ञ मनजीत एवं योग सहायक रजत द्वारा प्रशिक्षकों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास करवाया गया, जिससे वे आपदा के समय शारीरिक रूप से सक्षम एवं मानसिक रूप से संतुलित रह सकें।
इस अवसर पर सहायक के रूप में कर्मवीर, हरदीप सिंह, राय सिंह, रोहतास कुमार, दीपक कुमार, वीरेंद्र सिंह, डॉ. पूजा मंधान ,सरिता सैनी,कमल किशोर ,हेमा,डॉ. सपना, पूनम, प्रदीप कुमार ,बिमला देवीराजीव कुमार एवं भीम सिंह आदि उपस्थित रहे।
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