रेवाड़ी-गांव लुहाना में प्राकृतिक खेती शिविर संपन्न
कृषि उपनिदेशक डॉ. जितेंद्र अहलावत ने दिया लागत मुक्त खेती का मंत्र
Posted On:
19 May 2026 2:59PM
रेवाड़ी, 19 मई।
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग रेवाड़ी द्वारा राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत खंड खोल के गांव लुहाना में एक दिवसीय प्राकृतिक खेती शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में क्षेत्र के 50 किसानों ने भाग लेकर रसायनों का त्याग करने और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. जितेंद्र अहलावत ने की।
बाजार पर निर्भरता छोड़ आत्मनिर्भर बनें किसान: डॉ. जितेंद्र अहलावत
अपने अध्यक्षीय भाषण में कृषि उपनिदेशक डॉ. जितेंद्र अहलावत ने किसानों को लागत मुक्त खेती का मूल मंत्र दिया। उन्होंने आंकड़ों के माध्यम से स्पष्ट किया कि कैसे रासायनिक खादों, कीटनाशकों और महंगे बीजों पर होने वाला भारी खर्च किसान की शुद्ध आय को खत्म कर रहा है। डॉ. अहलावत ने कहा, जब किसान बाजार से महंगे खाद और जहर खरीदना बंद कर अपने घर के संसाधनों, जैसे देसी गाय के गोबर और गौमूत्र का उपयोग शुरू करता है, तो खेती की लागत शून्य हो जाती है और मुनाफे की गारंटी बढ़ जाती है।
मिट्टी को पुनर्जीवित करने का अभियान है प्राकृतिक खेती- डॉ. मनोज वर्मा
शिविर में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कृषि अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा ने मिट्टी के गिरते कार्बन स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, रासायनिक खादों के अंधाधुंध और अत्यधिक उपयोग ने हमारी उपजाऊ भूमि को हार्ड पैन (कठोर परत) में बदल दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती की एक विधि नहीं है, बल्कि यह हमारी मिट्टी को पुनर्जीवित करने का एक पावन अभियान है। उन्होंने सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाने के लिए जीवामृत के महत्व को समझाया जो मिट्टी की संरचना में सुधार कर उसकी जल धारण क्षमता को बढ़ाता है।
खंड कृषि अधिकारी (खोल) डॉ. मनोज ने कीटों के प्राकृतिक नियंत्रण व पर्यावरण संतुलन पर महत्वपूर्ण जानकारी सांझा की। उन्होंने किसानों को जागरूक करते हुए बताया कि प्रकृति में मित्र कीट (जैसे लेडीबग, मकड़ी और मधुमक्खी) फसलों को नुकसान पहुँचाने वाले कीटों को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करते हैं। रसायनों के छिडक़ाव से ये मित्र कीट मर जाते हैं। उन्होंने किसानों को घर पर ही नीम अस्त्र, ब्रह्मास्त्र और दशपर्णी अर्क जैसी प्राकृतिक औषधियां बनाने की सरल विधि बताई।
शिविर के सफल आयोजन में स्थानीय पंचायत और मौजिज लोगों ने अहम भूमिका निभाई। इस अवसर पर सरपंच मामचंद, महीपाल ङ्क्षसह, नंबरदार भाल सिंह, चेयरमैन इंद्रजीत, नरेंद्र नंबरदार, ऋषिपाल पंच और रोशन लाल सहित गांव लुहाना व आसपास के क्षेत्रों के 50 से अधिक गणमान्य एवं प्रगतिशील किसान मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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(Release ID: 1776)