कैथल, 22 मई। डीसी अपराजिता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आमजन की शिकायतों को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निपटाया जाए। शिकायतों के समाधान के दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतकर्ता को एक ही समस्या को लेकर बार-बार समाधान शिविर, सीएम विंडो या अन्य माध्यमों पर शिकायत दर्ज करवाने की आवश्यकता न पड़े।
डीसी अपराजिता शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में समाधान शिविर में प्राप्त होने वाली शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दे रहीं थीं। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी शिकायतकर्ता से सीधा संवाद स्थापित करें तथा आवश्यक होने पर उन्हें बुलाकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें। शिकायतों का निपटारा करते समय प्रार्थी की संतुष्टि भी प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि लोगों का प्रशासनिक व्यवस्था पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
उन्होंने कहा कि लंबित शिकायतों के निपटान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। निर्धारित समय सीमा से अधिक लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए और समाधान के उपरांत संबंधित पोर्टल पर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए। जिन शिकायतों का समाधान नियमानुसार संभव नहीं है, ऐसे मामलों में जांच रिपोर्ट के साथ पोर्टल पर अपडेट किया जाए।
डीसी ने कहा कि जिला और उपमंडल स्तर पर आयोजित समाधान शिविर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से लोगों की शिकायतों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित किया जा रहा है। आमजन इन शिविरों का लाभ उठाकर अपनी व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक समस्याओं का हल पा सकते हैं।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त (अंडर ट्रेनी) शिवानी पांचाल, सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, डीएमसी कपिल शर्मा, एमडी शुगर मिल कृष्ण कुमार, एसडीएम संजय कुमार, डीएसपी सुशील कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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