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प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण के लिए सभी गांवों में करवाई जाएगी मुनियादी : पंकज सेतिया

-ज्ञान भारतम पोर्टल पर पांडुलिपियों के अपलोड को लेकर जिला स्तर पर बैठक आयोजित

Posted On: 22 May 2026 4:20PM

कुरुक्षेत्र, 22 मई। केडीबी के सीईओ पंकज सेतिया ने कहा कि केंद्र सरकार की ज्ञान भारतम मिशन योजना के अंतर्गत देश की प्राचीन पांडुलिपियों के संरक्षण एवं डिजिटलीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस अभियान को रिवेन्यू विभाग के माध्यम से सभी गांवों को जोड़ा जा रहा है। इसके लिए प्रत्येक गांव में मुनियादी करवाई जाएगी। जिस गांव में पांडुलिपी मिलेगी, वहां की जानकारी को ज्ञान भारतम पोर्टल पर अपलोड करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुनियादी के बाद जिस गांव में 75 वर्ष से पुरानी कोई भी पांडुलिपी मिलेगी, उसको ज्ञान भारतम मिशन योजना के तहत अपलोड करवाया जाएगा।
सीईओ पंकज सेतिया शुक्रवार को लघु सचिवालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस बैठक में जिला राजस्व अधिकारी चेतना चौधरी, तहसीलदार नवम धानिया भी मौजूद रहे। बैठक में जिले में उपलब्ध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक पांडुलिपियों को डिजिटल रूप में संरक्षित कर राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध कराने पर चर्चा की गई। अब तक जिले में श्रीकृष्ण संग्रहालय में 140, पांडुलिपि संसाधन एवं संरक्षण केंद्र केयूके में 15678 चिंहित करने के उपरांत ज्ञान भारतम मिशन पर अपलोड किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों और निजी संग्रहकर्ताओं के पास उपलब्ध संस्कृत, हिंदी, फारसी व अन्य भाषाओं की पांडुलिपियों का सर्वेक्षण कर सूचीबद्ध करने का निर्णय लिया गया। चिह्नित पांडुलिपियों को वैज्ञानिक विधि से डिजिटाइज कर ज्ञान भारतम पोर्टल पर अपलोड करने की रूपरेखा तैयार की गई। इससे शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और आमजन को प्राचीन ज्ञान तक आसान पहुंच मिलेगी। उन्होंने कहा कि पांडुलिपियों के भौतिक संरक्षण के साथ-साथ उनके विषय-वस्तु के प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। इसमें स्थानीय विद्वानों, इतिहासकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं से अपील की गई कि वे अपने संग्रह की पांडुलिपियों को इस राष्ट्रीय मिशन में सहयोग हेतु उपलब्ध कराएं।
सीईओ पंकज सेतिया ने कहा कि ज्ञान भारतम मिशन का उद्देश्य भारत की ज्ञान परंपरा को संरक्षित कर उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।  ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले जिले कुरुक्षेत्र में यह अभियान विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यहां महाभारत काल से जुड़ी अनेक दुर्लभ पांडुलिपियां उपलब्ध हैं। जिला प्रशासन ने सभी संबंधितों से सहयोग की अपेक्षा करते हुए समयबद्ध रूप से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।



 

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(Release ID: 1939)