कैथल, 25 मई। हरियाणा सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से लागू की जा रही संचालन एवं रख-रखाव नीति-2026 के सफल क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को मुख्य सचिव हरियाणा अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में जिला कैथल से डीसी अपराजिता ने भाग लिया।
बैठक में ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव को सामुदायिक भागीदारी के आधार पर मजबूत बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संचालन एवं रख-रखाव नीति-2026 को चरणबद्ध तरीके से प्रभावी रूप से लागू किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्थाएं दीर्घकाल तक सुचारू रूप से संचालित रह सकें।
डीसी अपराजिता ने कहा कि हरियाणा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नई नीति के तहत ग्राम पंचायतों, ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों तथा स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी से जल प्रबंधन व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जाएगा। इससे ग्रामीण स्तर पर जल संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
बैठक में यह भी बताया गया कि नीति के तहत ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों को जल आपूर्ति प्रणालियों के संचालन, निगरानी और जल बिल संग्रहण की जिम्मेदारी दी जाएगी। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से जल बिल संग्रह व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा ताकि योजनाओं की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि विभाग द्वारा ग्रामीण जल योजनाओं के तकनीकी संचालन, पाइपलाइन नेटवर्क, जल स्रोतों के रख-रखाव तथा जल गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। वहीं जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन द्वारा गांव स्तर पर जनजागरूकता, प्रशिक्षण तथा सूचना, शिक्षा एवं संचार गतिविधियों के माध्यम से समुदाय को जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
डीसी अपराजिता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा जल स्रोतों के संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाए ताकि आने वाले समय में जल संकट की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन और संचालन एवं रख-रखाव नीति-2026 के माध्यम से हरियाणा ग्रामीण जल प्रबंधन के एक नए मॉडल की ओर आगे बढ़ रहा है, जिसमें सरकार और समुदाय मिलकर जल सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। इस मौके पर डीडीपीओ रितू लाठर, डीआईपीआरओ नसीब सिंह सैनी, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कार्यकारी अभियंता कर्ण बहल तथा जिला सलाहकार दीपक कुमार भी उपस्थित रहे।
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