Irrigation & Water Resources
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सिंचाई विभाग ने राज्य में मानसून से पूर्व ड्रेन सफाई अभियान किया शुरू -अनुराग अग्रवाल

4,369 किलोमीटर लंबे 716 नालों की सफाई एवं गाद निकालने का प्लान

मुख्यालय के अधिकारियों को जिलों में रेगुलर फील्ड इंस्पेक्शन के लिए किया तैनात

Posted On: 30 May 2026 5:57PM

चण्डीगढ, 30 मई - हरियाणा के मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग  द्वारा आने वाले मानसून से पूर्व राज्य में बाढ़ प्रबंधन को मजबूत करने और लोगों को जलभराव जैसी पस्थितियों से बचाव हेतू तैयारियों को लेकर बड़े स्तर पर ड्रेनों की सफाई एवं गाद निकालने का अभियान शुरू किया गया है।

 

विभाग का प्रयास है कि ग्रामीण इलाकों में बारिश के पानी की निकासी को आसान बनाने और बेेहतर प्रबंधन के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाए। इसके लिए वरिष्ठ अधिकारी कार्य की प्रगति पर 24 घंटे करीब से निगरानी रख रहें हैं। सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी भी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें लेकर कार्य की पालना सुनिश्चित करने पर बल दे रही हैं। 

 

सिंचाई और जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग अग्रवाल ने सभी उपायुक्तों के साथ-साथ विभाग के संबंधित एसई और कार्यकारी अभियंता इंजीनियर को चल रहे कामों का नियमित निरीक्षण करने और मानसून शुरू होने से पहले शत प्रतिशत ड्रेन सफाई को निर्धारित समय पर पूरा करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा मुख्यालय स्तर के अधिकारियों को भी राज्य के अलग-अलग जिलों में रेगुलर फील्ड इंस्पेक्शन के लिए भेजा गया है।

 

इस पहल का मुख्य उद्वेश्य नालों, नहरों और पानी के चैनलों से गाद, खरपतवार, पेड़-पौधे, रुकावटें और अतिक्रमण हटाना है, ताकि उनकी क्षमता दुरूस्त हो सके और मानसून के मौसम में बारिश के पानी का बहाव आसान हो सके।

 

हर साल होने वाले मानसून से पूर्व तैयारी प्रोग्राम के तहत हरियाणा सिंचाई और जल संसाधन विभाग ने इस साल कुल 4,369.69 किलोमीटर लंबे 716 नालों की सफाई और गाद निकालने का प्लान बनाया है।

 

नालों की सफाई का काम विभागीय मशीनरी के साथ-साथ ई-टेंडरिंग मोड से भी किया जा रहा है ताकि काम को पारदर्शी और बेहतर ढंग से जल्द पूरा किया जा सके। इन कार्यों में मुख्य रूप से जमा हुई गाद और पेड़-पौधों को हटाना शामिल है ताकि नालों की क्षमता दुरूस्त हो सके और कमज़ोर इलाकों में बाढ़ और पानी भरने का खतरा कम हो सके।

विभाग ने जून 2026 तक सभी 716 नालों की पहचान कर सफाई पूरी करने का लक्ष्य तय किया है। मानसून आने से काफी पहले पूरे राज्य में जलभराव रोकनें की पूरी तैयारी करने के लिए कार्यों को प्राथमिकता से किया जा रहा है।

 

हरियाणा सिंचाई एवं जल संसाधान विभाग लोगों के हितों की रक्षा, ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने और समय पर काम करके बाढ़ प्रबंधन को मजबूत करने के लिए कार्य कर रहा है।

 

क्रमांक 2026


 

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(Release ID: 2193)