दिव्यांगजनों के लिए वरदान बनी निरामया स्वास्थ्य बीमा योजना :- उपायुक्त सचिन गुप्ता
Posted On:
31 May 2026 3:06PM
रोहतक, 31 मई। उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा है कि दिव्यांगजनों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय ट्रस्ट द्वारा संचालित निरामया दिव्यांग स्वास्थ्य बीमा योजना एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, बौद्धिक दिव्यांगता तथा बहु-दिव्यांगता से ग्रस्त व्यक्तियों को किफायती स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।सचिन गुप्ता ने कहा है कि वर्ष 2008-09 में शुरू की गई इस योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को एक लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है। योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना, उनमें स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है। योजना के अंतर्गत बीपीएल श्रेणी के लाभार्थियों के लिए नामांकन शुल्क 250 रुपये प्रतिवर्ष निर्धारित है। वहीं एपीएल परिवार जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये तक है, उनके लिए भी नामांकन शुल्क 250 रुपये है। 15 हजार रुपये से अधिक मासिक आय वाले एपीएल परिवारों के लिए यह शुल्क 500 रुपये प्रतिवर्ष रखा गया है।उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा है कि निरामया योजना के अंतर्गत कई प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाओं को शामिल किया गया है। योजना के तहत कैशलेस अस्पताल भर्ती पर एक लाख रुपये तक, घरेलू उपचार एवं नर्सिंग सेवाओं पर 20 हजार रुपये तक, जन्मजात अथवा मौजूदा दिव्यांगता से संबंधित सुधारात्मक सर्जरी पर 50 हजार रुपये तक, तथा दिव्यांगता की गंभीरता को बढऩे से रोकने के लिए आवश्यक सर्जरी पर 15 हजार रुपये तक की सहायता उपलब्ध करवाई जाती है। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद छह माह तक की देखभाल एवं थेरेपी के लिए 15 हजार रुपये, ओपीडी परामर्श एवं दवाइयों के लिए 10 हजार रुपये, स्वस्थ दिव्यांगजनों के वार्षिक नियमित स्वास्थ्य परीक्षण हेतु 10 हजार रुपये, पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी एवं अन्य उन्नत जांचों के लिए 7,500 रुपये तक का प्रावधान है।सचिन गुप्ता कहा है कि इसके अतिरिक्त दिव्यांगता के प्रभाव को कम करने तथा उससे संबंधित जटिलताओं के उपचार हेतु चल रही थेरेपी पर 7,500 रुपये, निवारक दंत चिकित्सा सेवाओं के लिए 7,500 रुपये, चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करने के लिए परिवहन व्यय के रूप में 1,500 रुपये तथा वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के लिए 2,000 रुपये तक की सहायता प्रदान की जाती है। उपायुक्त ने जिला के पात्र दिव्यांगजनों एवं उनके अभिभावकों से अपील की कि वे इस लाभकारी योजना का अधिकाधिक लाभ उठाएं तथा स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन दिव्यांगजनों के कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है और सभी पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
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(Release ID: 2206)