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रिशिपाल जैसे प्रगतिशील किसान जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत :- उपायुक्त सचिन गुप्ता

Posted On: 31 May 2026 3:07PM

रोहतक, 31 मई। कड़ी मेहनत, दृढ़ संकल्प और सही मार्गदर्शन किसी भी व्यक्ति की जिंदगी बदल सकता है। इसका जीवंत उदाहरण हैं गांव लाहली, जिला रोहतक निवासी 40 वर्षीय श्री रिशिपाल, जिन्होंने एक साधारण ड्राइवर से सफल झींगा उत्पादक किसान बनकर न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की है, बल्कि क्षेत्र के किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बने हैं। रिशिपाल ने 10वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने लगभग सात से आठ वर्षों तक लाहली स्थित केंद्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान (सीआईएफई) में ड्राइवर के रूप में कार्य किया। संस्थान में मत्स्य पालन से जुड़ी गतिविधियों को नजदीक से देखने और उनकी सफलता से प्रेरित होकर उनके मन में जलीय कृषि के प्रति रुचि जागृत हुई।
वर्ष 2014 में उन्होंने एक साहसिक निर्णय लेते हुए ड्राइविंग का कार्य छोड़ दिया और मत्स्य विभाग के प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन से एक एकड़ भूमि में झींगा पालन शुरू किया। पहले वर्ष उन्होंने लगभग एक लाख झींगा बीज तालाब में डाले और करीब एक हजार किलोग्राम उत्पादन प्राप्त किया। इस सफलता से उन्हें प्रतिवर्ष तीन से चार लाख रुपये की बचत होने लगी। प्रारंभिक सफलता ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाया और उन्होंने धीरे-धीरे अपने व्यवसाय का विस्तार किया। वर्तमान में  रिशिपाल लगभग 13 एकड़ भूमि में झींगा पालन कर रहे हैं। सभी खर्चों को निकालने के बाद उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 20 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। विशेष बात यह है कि उन्होंने खारी एवं बंजर भूमि को आय का मजबूत स्रोत बना दिया है। उनका यह प्रयास न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर रहा है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा कर रहा है। रिशिपाल ने अपनी सफलता का श्रेय मत्स्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के तहत प्राप्त वित्तीय सहायता को दिया है। उनका कहना है कि विभाग के सहयोग ने उन्हें एक ड्राइवर से सफल जलीय कृषि उद्यमी बनने का अवसर प्रदान किया।
उपायुक्त सचिन गुप्ता ने कहा कि रिशिपाल की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लें तो वे अपनी आय में कई गुना वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा मत्स्य पालन और जलीय कृषि को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ उठाकर युवा और किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं। सचिन गुप्ता ने कहा कि  रिशिपाल जैसे प्रगतिशील किसान जिले के अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत हैं और उनकी सफलता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। रिशिपाल की उपलब्धि यह संदेश देती है कि सही दिशा में की गई मेहनत, नवाचार को अपनाने की सोच और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर कोई भी व्यक्ति अपनी जिंदगी में उल्लेखनीय बदलाव ला सकता है।


 

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(Release ID: 2207)