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मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाए मीडिया : एसडीएम भूपेंद्र सिंह

-लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है एसआईआर : एसडीएम

-15 जून से 14 जुलाई तक बीएलओ घर-घर जाकर करेंगे सत्यापन एवं गणना प्रपत्रों का वितरण

-22 सितंबर 2026 को होगा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन

Posted On: 10 Jun 2026 2:32PM
PrintRelease पलवल, 9 जून। एसडीएम एवं निर्वाचन अधिकारी पलवल भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण लोकतंत्र को मजबूत बनाने की एक महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं पारदर्शी बनाना है ताकि प्रत्येक पात्र नागरिक को अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर प्राप्त हो सके।
एसडीएम भूपेंद्र सिंह मंगलवार को लघु सचिवालय पलवल में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। एसडीएम ने मीडिया प्रतिनिधियों से अपील करते हुए कहा कि वे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित इस विशेष अभियान की जानकारी आमजन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं, जिससे अधिक से अधिक पात्र नागरिक इस प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए शुद्ध एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची अत्यंत आवश्यक है।
एसडीएम भूपेंद्र सिंह ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा एसआईआर-2026 के लिए 1 जुलाई 2026 को क्वालिफाइंग डेट निर्धारित की गई है। निर्धारित कार्यक्रमानुसार 14 जून 2026 तक प्रशिक्षण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके उपरांत 15 जून से 14 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर सत्यापन कार्य करेंगे तथा गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संग्रहण करेंगे।
एसडीएम ने बताया कि इस दौरान मतदान केंद्रों का पुनर्गठन भी किया जाएगा, जिसकी प्रक्रिया 14 जुलाई तक पूर्ण होगी। इसके उपरांत 21 जुलाई 2026 को प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद नागरिक 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत कर सकेंगे। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 18 सितंबर 2026 तक किया जाएगा तथा 22 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया केवल नाम हटाने के लिए नहीं है, बल्कि नए पात्र मतदाताओं को जोडऩे, मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के विवरण को अद्यतन करने तथा मतदाता सूची को वास्तविक स्थिति के अनुरूप बनाने के लिए की जाती है। समय के साथ अनेक लोग नए स्थानों पर निवास करने लगते हैं, कुछ नागरिक 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर नए मतदाता बनते हैं तथा कुछ मतदाताओं के विवरण में संशोधन की आवश्यकता होती है। विशेष गहन पुनरीक्षण के माध्यम से इन सभी तथ्यों का सत्यापन किया जाता है।
एसडीएम भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बीएलओ द्वारा प्रत्येक घर तक पहुंचकर सत्यापन किया जाएगा तथा निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर मतदाता विवरण का मिलान किया जाएगा। सत्यापन के बाद तैयार ड्राफ्ट मतदाता सूची पर कोई भी पात्र नागरिक निर्धारित अवधि में दावा अथवा आपत्ति दर्ज कर सकता है। सभी दावों एवं आपत्तियों की निष्पक्ष सुनवाई के बाद ही अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की पूरी प्रक्रिया पूर्णत: पारदर्शी, नियमबद्ध एवं जनसहभागिता आधारित है। राजनीतिक दलों को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया गया है। अधिकांश राजनीतिक दलों द्वारा अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए जा चुके हैं तथा शेष दलों द्वारा भी शीघ्र नियुक्तियां की जाएंगी। प्रत्येक मतदान केंद्र पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सहभागिता से प्रक्रिया की पारदर्शिता और अधिक सुनिश्चित होगी।
एसडीएम ने बताया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के साथ-साथ मतदान केंद्रों एवं मतदाताओं की संख्या के अनुसार बूथों का तार्किक पुनर्गठन (रैशनलाइजेशन) भी किया जाएगा, ताकि मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक को मतदान प्रक्रिया से जोडऩा तथा मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जब बीएलओ उनके घर पहुंचें तो वे आवश्यक जानकारी एवं दस्तावेज उपलब्ध कराकर सत्यापन कार्य में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में सही नाम और सही विवरण होना प्रत्येक नागरिक की लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है तथा इसके माध्यम से ही लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है। इस अवसर पर सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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