कुरुक्षेत्र, 22 जून। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि ऑटो म्यूटेशन प्रणाली में रजिस्ट्री होते ही स्वत: इंतकाल दर्ज हो जाएगा। इससे रजिस्ट्री के समय ही इंतकाल नंबर उपलब्ध हो जाएगा और जिन मामलों में खेवट विभाजन की आवश्यकता नहीं होगी, उनमें 24 घंटे के भीतर इंतकाल स्वीकृत हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ऑटो म्यूटेशन प्रणाली को पूरे प्रदेश में लागू करने से पहले एक माह तक पायलट आधार पर चलाया गया तथा प्राप्त सभी सुझावों एवं फीडबैक को प्रणाली में शामिल किया गया। प्रारंभिक चरण में लगभग 50,000 इंतकाल स्वत: दर्ज किए जा चुके हैं। जिन मामलों में खेवट विभाजन आवश्यक होगा, उनमें अधिकतम 10 दिनों के भीतर इंतकाल का निपटान किया जाएगा।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि विरासत, पारिवारिक बंटवारा एवं न्यायालय की डिक्री आधारित इंतकाल अधिकतम 10 दिनों में निपटाए जाएंगे। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन एवं पारदर्शी होगी। राजस्व विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाकर सभी लंबित इंतकालों का निपटान किया जाएगा। लक्ष्य है कि आगामी 15 दिनों के भीतर शेष सभी लंबित इंतकालों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री और इंतकाल की प्रक्रिया आपस में जुड़ जाएगी। अलग से इंतकाल के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। नागरिकों को बार-बार तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नागरिक अपने इंतकाल की स्थिति ऑनलाइन देख सकेंगे। नागरिक अपने इंतकाल की प्रति ऑनलाइन डाउनलोड एवं प्रिंट कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि लंबित इंतकालों की संख्या में भारी कमी आएगी। भूमि रिकॉर्ड तेजी से अपडेट होंगे। किसानों एवं भूमि स्वामियों को सेवाओं का त्वरित लाभ मिलेगा। राजस्व प्रशासन की कार्यक्षमता एवं पारदर्शिता में वृद्धि होगी।
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