कुरुक्षेत्र, 22 जून। उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 1.0 के लगभग 8 माह के सफल संचालन व नागरिकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर अब पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 लागू किया जा रहा है। इससे प्रक्रिया सरल, पारदर्शी एवं सुरक्षित होगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी। इसके साथ ही नागरिकों को कार्यालयों में चक्कर कम होंगे। ऑनलाइन सत्यापन से समय की बचत होगी, प्रामाणिकता बढ़ेगी और दस्तावेजों की ड्यूटी की सही गणना सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 29 सितंबर 2025 को कुरुक्षेत्र के बाबैन से पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 1.0 की शुरुआत की थी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि पेपरलेस रजिस्ट्रेशन 2.0 में आवेदन फॉर्म को सरल बनाया गया है। प्रथम पक्ष व द्वितीय पक्ष की आधार ई केवाईसी अनिवार्य की गई है। एक से अधिक अधिकृत व्यक्ति जोडऩे की सुविधा को शामिल किया गया है। इसके अलावा कंपनियां एवं एनआरआई अधिकृत व्यक्ति नियुक्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि डीड को नागरिक, डीड राइटर, अधिवक्ता या हेल्पडेस्क के माध्यम से भरी जा सकेगी। पूर्ण डिजिटल हस्ताक्षर एवं बायोमेट्रिक प्रक्रिया शामिल की गई है। प्राइम एवं नॉन-प्राइम खसरा प्रदर्शित होंगे और धारा 7ए से संबंधित जानकारी प्रदर्शित होगी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि ऑनलाइन स्टे सत्यापन एवं स्वत: रोक व्यवस्था लागू होगी। संबंधित विभागों की जानकारी रजिस्ट्रेशन में प्रदर्शित होगी। अतिरिक्त दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा को शामिल किया गया है। क्यूआर कोड आधारित सत्यापन और अधिकतम तीन अवसरों में निर्णय शामिल होगा। उन्होंने कहा कि अपॉइंटमेंट को तत्काल श्रेणी में परिवर्तित करने की सुविधा रहेगी। रजिस्ट्रेशन दिवस पर अतिरिक्त दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा होगी। इसके अलावा ई-स्टाम्प अतिरिक्त जोडऩे की सुविधा रहेगी।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि डीटीपी या एनओसी के लिए अलग दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी, विभागीय सत्यापन ऑनलाइन होगा। वर्तमान प्रणाली में अलग-अलग स्तर पर किए जाने वाले आरसी-1 एवं आरसी-2 के कार्यों को एकीकृत (कोंबाइन) कर दिया गया है। इससे अनावश्यक प्रक्रियाओं में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि रजिस्ट्री में शामिल प्रत्येक पक्षकार की व्यक्तिगत फोटो के माध्यम से पहचान सुनिश्चित की जाएगी। इससे प्रत्येक व्यक्ति की स्पष्ट एवं पहचान स्थापित नागरिकों स्थायी को होगी।
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