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घरों में रखे अनावश्यक एवं कटे-फटे कपड़े दान करें आमजन : डीसी अपराजिता

स्टंबल लैब, प्यारी बेटी मुहिम के बाद डीसी अपराजिता की एक ओर नई पहल - पर्यावरण संरक्षण के लिए आमजन से अपील, प्रयोग न होने वाले घरों में कटे-फटे कपड़ों को नालियों, व खाली जगहों में न फेंके - एकत्रित होने वाले कपड़ों में से प्रयोग लायक कपड़ों को किया जाएग

Posted On: 22 Jun 2026 3:36PM
कैथल। डीसी अपराजिता ने जिले के आमजन से अपील की है कि वे अपने बिना प्रयोग में आने वाले व कटे फटे कपड़ों को नालियों व खाली जगहों में न फेंकें। ऐसे कपड़े नालियों को ब्लॉक करते हैं और खाली जगहों में ऐसे कपड़े शहर के स्वच्छता अभियान में बाधा पहुंचाते हैं। पर्यावरण संरक्षण के लिए आमजन आगे आएं और ऐसे कपड़े जिला प्रशासन द्वारा रखे जाने वाले बॉक्स में दान करें। शहर में कई जगहों पर ऐसे बॉक्स रखवाए जाएंगे।

जिले में स्टंबल लैब के माध्यम से बच्चों को प्रोत्साहित कर रहीं डीसी अपराजिता द्वारा इससे पूर्व प्यारी बेटी मुहीम के तहत बेटियों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसी दिशा में डीसी अपराजिता की यह नई मुहिम है। ताकि पर्यावरण संरक्षण में सभी लोग अपना योगदान दे सकें। साथ ही शहर में स्वच्छता को बनाकर रखा जा सके।

डीसी कार्यालय में इस संबंध में आयोजित बैठक में डीसी अपराजिता ने नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि वे शहर में अलग-अलग जगहों पर बॉक्स रखवाएं। ये बॉक्स ऐसी जगह रखवाएं जाएं, जहां लोग आसानी से पहुंच कर कपड़े दान कर सकें। इसके बाद इन बॉक्स से सभी कपड़ों को एक जगह एकत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाजसेवी संस्थाओं का सहयोग लेकर कपड़े को एकत्रित किया जाए। जिसमें रिहायशी कल्याणकारी संस्थाएं भी शामिल की जाएं। ताकि अधिक से अधिक लोगों तक अभियान की जानकारी पहुंचे और स्वच्छ भारत मिशन में इस मुहिम का असर दिखे। 

 एकत्रित किए गए कपड़ों में से प्रयोग किए जाने लायक कपड़ों को जरूरतमंदों को दान किया जाएगा। जो कपड़ा फटा व प्रयोग लायक नहीं है, उसे एजेंसी द्वारा रिसाइकिल करके फाइबर में तब्दील किया जाएगा। 

नालियों को जाम करते हैं फेंके गए कपड़े, फटे-फटे कपड़ों बिखरने से स्वच्छता पर होता है असर
डीसी अपराजिता ने कहा कि ऐसे ही फेंके गए कपड़ों के कारण नालियां ब्लॉक होती हैं। साथ ही इधर-उधर बिखरे कपड़े शहर के सौंदर्यीकरण को प्रभावित करते हैं। इसलिए प्रयास किया जाएगा कि कपड़े ऐसे ही सड़कों पर न फेंके जाएं।

समाज सेवी संस्थाओं का लिया जाएगा सहयोग
डीसी ने कहा कि इस अभियान में समाज सेवी एवं शिक्षण संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाएगा। जो संस्थाएं इस क्षेत्र में पहले से काम कर रही हैं, उनके अनुभव का भी लाभ मिलेगा।

वर्जन
शहर में ऐसे ही फेंक दिए गए कपड़ों से कई तरह की परेशानियां आती हैं।  साथ ही बहुत से लोगों के पास ऐसे बहुत से कपड़े होते हैं। जो बिना प्रयोग किए घरों में रखे हैं। पर्यावरण संरक्षण सहित जरूरतमंदों को ध्यान में रखते हुए आमजन से अपील है कि वे बिना प्रयोग किए हुए कपड़ों को दान करें। साथ ही जो कपड़े कटे-फटे हैं, उन्हें भी प्रशासन द्वारा रखे गए बॉक्स में डालें। ताकि इन्हें रिसाइकिल किया जा सके और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योगदान दिया जा सके। जो कपड़े प्रयोग लायक होंगे, उन्हें जरूरतमंदों को दान किया जाएगा।
- अपराजिता, डीसी, कैथल। 

 

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(Release ID: 3097)