कुरुक्षेत्र, 22 जून। भारतीय खेल प्राधिकरण के सहायक निदेशक विजय मनचंदा ने कहा कि योग व्यायाम का ऐसा प्रभावशाली प्रकार है, जिसके माध्यम से न केवल शरीर के अंगों बल्कि मन, मस्तिष्क और आत्मा में संतुलन बनाया जाता है। यही कारण है कि योग से शारीरिक व्याधियों के अलावा मानसिक समस्याओं से भी निजात पाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि पिपली यूथ होस्टल के प्रांगण में 12 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। योग दिवस शारीरिक फिटनेस, मानसिक कल्याण और आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। योग कई लाभ प्रदान करता है, जिसमें बढ़ा हुआ लचीलापन, बेहतर ताकत और मुद्रा, तनाव में कमी, बढ़ी हुई एकाग्रता और आंतरिक शांति की भावना शामिल है। योग का अभ्यास करके, व्यक्ति आत्म-जागरूकता, सचेतनता और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण विकसित कर सकते हैं। योग का वैदिक संहिताओं के अनुसार तपस्वियों के बारे में प्राचीन काल से ही वेदों में इसका उल्लेख मिलता है।
सहायक निदेशक विजय मनचंदा ने कहा कि योग की महिमा और महत्व को जानकर इसे स्वस्थ जीवनशैली हेतु बड़े पैमाने पर अपनाया जा रहा है, जिसका प्रमुख कारण है व्यस्त, तनावपूर्ण और अस्वस्थ दिनचर्या में इसके सकारात्मक प्रभाव। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ, संतुलित एवं सकारात्मक जीवन जीने की एक सम्पूर्ण जीवनशैली है। योग एवं नशा मुक्ति दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं तथा योग के माध्यम से युवा पीढ़ी को स्वस्थ एवं सशक्त बनाया जा सकता है।
भारतीय खेल प्राधिकरण के प्रांगण में योग प्रोटोकॉल के अंतर्गत ताड़ासन, पादहस्तासन, अर्ध चक्रासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, वज्रासन, शशांकासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंधासन एवं शवासन का अभ्यास करवाया गया। इसके साथ ही कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी तथा ध्यान का अभ्यास भी कराया गया। इसके अलावा नियमित योगाभ्यास के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई तथा योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
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