कैथल, 23 जून। केंद्र एवं हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से जिला कैथल के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई तस्वीर उभरकर सामने आ रही है। बीते 12 वर्षों में गांवों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने, युवाओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा स्वच्छ वातावरण विकसित करने की दिशा में अनेक ऐतिहासिक कार्य किए गए हैं।
ग्रामीण युवाओं को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 58 गांवों में 1.90 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक ई-लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। इनमें आवश्यक फर्नीचर एवं पुस्तकें उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को विशेष लाभ मिल रहा है।
अमृत सरोवर योजना के तहत जिले के 58 तालाबों का 33.34 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार किया गया है। तालाबों के आसपास वॉकिंग ट्रैक, स्ट्रीट लाइट तथा बैठने के लिए बेंच स्थापित की गई हैं, जिससे ये स्थान ग्रामीणों के लिए आकर्षण और स्वास्थ्य संवर्धन के केंद्र बन गए हैं।
इसी प्रकार जगमग योजना के तहत प्रथम चरण में 35 गांवों की फिरनी पर स्ट्रीट लाइटें लगाई जा चुकी हैं, जबकि दूसरे चरण में अन्य 35 गांवों में कार्य तेजी से जारी है। इससे गांवों में सुरक्षा और आवागमन की सुविधा बेहतर हुई है।
वहीं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी जिला लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। 47 गांवों में 1.93 करोड़ रुपये की लागत से महिला सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहीं लखपति दीदी योजना के अंतर्गत चयनित 24,793 महिलाओं में से 15,001 महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर लखपति दीदी बन चुकी हैं।
पिछले 12 वर्षों में जिले में 3,133 स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है, जिनसे 34,954 सदस्य, जिनमें 19,701 अनुसूचित जाति वर्ग के सदस्य भी शामिल हैं। इन समूहों को स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों के लिए 134.21 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है।
ग्रामीण युवाओं को फिट एवं स्वस्थ रखने के उद्देश्य से जिले के 32 गांवों में 2.28 करोड़ रुपये की लागत से इनडोर जिम स्थापित किए गए हैं, जिनका लाभ बड़ी संख्या में युवा उठा रहे हैं।
इसी प्रकार स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम माधो माजरी में 1.06 करोड़ रुपये की लागत से गोवर्धन प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है, जिससे 63 परिवारों को गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
वहीं खंड ढांड की ग्राम पंचायत ढांड में 16 लाख रुपये की लागत से प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट स्थापित किया गया है तथा खंड की 22 ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था शुरू की गई है। इसके अतिरिक्त जिले की सभी 199 ग्राम पंचायतों में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए शेड बनाए जा चुके हैं।
वर्जन
सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना ही नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर, स्वच्छ, शिक्षित एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। इसी दिशा में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं लागू की गई है तथा विभिन्न विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारा गया है। इनके माध्यम से शिक्षा, सुरक्षा, स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं। इन प्रयासों का प्रत्यक्ष लाभ आमजन तक सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ पहुंच रहा है। जनसहभागिता तथा प्रभावी प्रशासनिक प्रयासों के बल पर जिले के ग्रामीण विकास को निरंतर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाता रहेगा।
— अपराजिता, उपायुक्त, कैथल
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