रोहतक, 27 जून। बदलते हुए वैश्विक परिदृश्य में स्थानीय, क्षेत्रीय तथा राष्ट्रीय समस्या-मूलक शोध समय की जरूरत है। साथ ही, शिक्षण संस्थानों को उद्योग जगत-कॉरपोरेट जगत के साथ सहभागिता तथा संयुक्त शोध करना चाहिए। आने वाले समय में भारतीय शिक्षण संस्थानों की विशिष्ट पहचान ग्लोबल नेटवर्किंग से होगी। ये उद्गार दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर सरदार तरनजीत सिंह संधू ने आज महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (मदवि) में विशेष संवाद सत्र में एमडीयू शैक्षणिक समुदाय के समक्ष व्यक्त किए।
लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में वैश्विक उत्कृष्टता प्राप्त करने की पूरी संभावना है। उन्होंने कहा कि पूरे भारत में एमडीयू की विशेष पहचान है, भविष्य में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में होने की वजह से इस यूनिवर्सिटी को भौगोलिक लाभ है। उन्होंने कहा कि जैव विज्ञान, हरित ऊर्जा, प्रदूषण निवारण, पर्यावरण संरक्षण, हेल्थ केयर, कृषि क्षेत्र, आदि में समस्या मूलक शोध तथा इन्नोवेशन के लिए टीम एमडीयू को कार्य करना चाहिए। भविष्य में बढ़ती हुई वृद्ध जनसंख्या (बूढ़ों) के लिए असीसेटेड हेल्थ केयर एक गंभीर चुनौती होगी। ऐसे में इस दिशा में भी शोध-अध्ययन तथा समाधान के लिए कार्य करना होगा।
दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधू ने एमडीयू से दिल्ली राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के समग्र विकास के लिए तथा इस क्षेत्र के विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए इन्नोवेशन तथा रिसर्च का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एमडीयू की सहभागिता का दिल्ली एनसीआर प्रशासन स्वागत करेगा। ले. गवर्नर तरनजीत सिंह संधू ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को विश्वविद्यालय में आमंत्रित कर विद्यार्थियों के मार्गदर्शन तथा ज्ञान वर्धन कराने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के जीवन, करियर अनुभव से विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। एमडीयू के प्रसिद्ध ग्रीन-क्लीन कैंपस की ले. गवर्नर ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
इससे पूर्व, एमडीयू कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ ने ले. गवर्नर तरनजीत सिंह संधू का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। प्रो. मिलाप पूनियाँ ने विश्वविद्यालय की प्रगति यात्रा, उपलब्धियों की जानकारी साझा की। कुलपति ने बताया कि मदवि के विद्यार्थी न केवल भारतीय सशस्त्र सेना में करियर बना रहे हैं, बल्कि शैक्षणिक जगत, कॉरपोरेट जगत, वित्त, प्रबंधन, उत्कृष्ट शोध, आदि में भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर रहे हैं। पूरे भारत में एमडीयू के खिलाडिय़ों ने भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन से ओलंपिक, कॉमनवेल्थ तथा एशियन गेम्स में उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने जैव विज्ञान संकाय तथा औषध विज्ञान संकाय साथ समस्या-मूलक शोध परियोजनाएं करने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय उत्कृष्ट शिक्षण तथा शोध व्यवस्था के लिए रोड-मैप तैयार कर रहा है।
संवाद कार्यक्रम के दौरान डीन, एकेडमिक अफेयर्स प्रो. ए. एस. मान, डीन, लाइफ साइंसेज प्रो. मीनाक्षी वशिष्ठ, डीन, कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल प्रो. प्रदीप अहलावत, डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल प्रो. राजेश पूनिया, एसोसिएट डीन प्रो केके शर्मा, विधि विभागाध्यक्ष प्रो. सोनू देहमीवाल ने अपने इनपुट्स रखे। विभिन्न संकाय अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, एसोसिएट डीन, रोहतक जिला के महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा शैक्षणिक प्रतिनिधि इस संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। जिला उपायुक्त सचिन गुप्ता, महम के उपमंडलाधीश विपिन कुमार, रजिस्ट्रार यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज प्रो. रूप सिंह की विशेष उपस्थिति इस संवाद कार्यक्रम में रही।
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एमडीयू हरियाणा का ही नहीं, भारत का प्राइड है :-
दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर सरदार तरनजीत सिंह संधू ने संवाद कार्यक्रम में भी एमडीयू की भूरि-भूरि प्रशंसा। उन्होंने कहा कि एमडीयू का ग्रीन कैंपस पर्यावरणीय सरोकारों को परिलक्षित करता है। कुलपति प्रो. मिलाप पूनियाँ तथा टीम एमडीयू को हार्दिक बधाई देते हुए ले. गवर्नर ने भविष्य में एमडीयू की ग्लोबल विशिष्ट पहचान की कामना की। लेफ्टिनेंट गवर्नर ने भविष्य में एमडीयू कैंपस में दोबारा आने तथा शिक्षकों-विद्यार्थियों के से संवाद करने की इच्छा जताई। इस दौरान एमडीयू कुलपति प्रो मिलाप पूनियाँ ने एमडीयू एलुमनी पवन मल्होत्रा द्वारा तैयार किए गए पेंसिल स्केच को लेफ्टिनेंट गवर्नर को भेंट किया, जिसे लेफ्टिनेंट गवर्नर ने खूब सराहा।
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