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खेतों में किसी भी हालात में बरसाती पानी का नहीं होना चाहिए ठहराव - ड्रेनों की साफ-सफाई एवं सभी पंपों की मोटर रखें दुरुस्त: डीसी डॉ वैशाली शर्मा

डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने लिया बरसाती पानी निकासी व्यवस्था का जायजा, अधिकारियों को समय रहते मुकम्मल इंतजाम करने के दिए निर्देश

Posted On: 27 Jun 2026 6:34PM
PrintRelease - खेतों में किसी भी हालात में बरसाती पानी का नहीं होना चाहिए ठहराव - ड्रेनों की साफ-सफाई एवं सभी पंपों की मोटर रखें दुरुस्त: डीसी डॉ वैशाली शर्मा
-डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने लिया बरसाती पानी निकासी व्यवस्था का जायजा, अधिकारियों को समय रहते मुकम्मल इंतजाम करने के दिए निर्देश
जींद, 27 जून डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने कहा कि मानसून के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि बारिश के दौरान खेतों एवं गांवों में किसी भी कारण से जलभराव की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए, सम्बधित अधिकारी इसके लिए समय रहते सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करें। डीसी ने शनिवार को बरसाती पानी निकासी व्यवस्था का निरीक्षण करने के लिए जुलाना के कई क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ सिंचाई विभाग के एसई पुनित राय, कार्यकारी अभियंता गिरधर व विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
डीसी ने अपना निरीक्षण दौरा कालवा-किनाना ड्रेन के आरडी नम्बर 17000 से शुरू किया, इसके बाद कालवा-पड़ाना ड्रेन की आरडी नम्बर 7000 का दौरा कर ड्रेन में उगी झाडियों की साफ-सफाई करने व साथ लगते किनारों को उंचा रखने के निर्देश दिये। डीसी ने अपने दौरे के दौरान शामलों हैड पर स्थापित किये गए पम्प सेंटों का जायजा लिया और बारीकी से जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान डीसी ने ड्रेनों, नालों तथा जल निकासी तंत्र का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी ड्रेनों की समयबद्ध एवं नियमित तौर पर साफ-सफाई कराई जाए ताकि बरसात के दौरान पानी का प्रवाह बाधित न हो। उन्होंने कहा कि जहां भी गाद, झाडि़यां अथवा अन्य अवरोध हैं, उन्हें तुरंत हटाकर जल निकासी व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु बनाया जाए।
डॉ. वैशाली शर्मा ने विशेष रूप से सिंचाई एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल निकासी के लिए लगाए गए सभी पंपों एवं उनकी मोटरों की तकनीकी जांच कर उन्हें पूरी तरह कार्यशील रखा जाए। किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी को तत्काल दूर किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर पंप बिना किसी बाधा के संचालित किए जा सकें।
डीसी ने कहा कि खेतों में आवश्यकता से अधिक बरसाती पानी किसी भी स्थिति में नहीं ठहरना चाहिए। जलभराव से फसलों को नुकसान होने की आशंका रहती है, इसलिए जल निकासी व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील एवं जलभराव संभावित क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं निकासी कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन एवं मशीनरी उपलब्ध रखें। संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण करते रहें और किसी भी समस्या की सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।
डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों को जलभराव से होने वाली असुविधा से बचने तथा किसानों की फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात के पूरे मौसम में जल निकासी व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाए इसके लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी पम्पों पर बिजली या जरूरत के अनुसार अन्य संसाधन पर्याप्त मात्रा में होने चाहिए।
दौरे के दौरान सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने डीसी को आश्वस्त करते हुए बताया कि शामलों पम्प हाउस पर बरसाती पानी निकासी के लिए 100-100 एचपी की 18 मोटरों के पम्प स्थापित किये गए है जिनकी कैपेस्टि लगभग 360 क्यूसेक पानी निकालने की है। सभी मोटरों व पम्प सेंटों को दुरूस्त करवा लिया गया है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पानी साईफिन से भी निकाला जाता है। अधिक बरसाती पानी को खेतों से निकालने के लिए जरूरी सुविधाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

 

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(Release ID: 3355)