राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ गायन के बाद होगा राष्ट्रीय गान ‘जन-गण-मन’
-‘वंदे मातरम्’ व ‘जन-गण-मन’ के दौरान खड़े होना अनिवार्य, गृह मंत्रालय ने जारी किए निर्देश : उपायुक्त
-उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने जिला में गृह मंत्रालय के आदेशों की अनुपालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
Posted On:
29 Jul 2026 7:48PM
पलवल, 29 जुलाई। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ तथा राष्ट्रीय गान ‘जन-गण-मन’ के गायन एवं वादन से संबंधित पूर्व में जारी किए गए सभी आदेशों एवं निर्देशों का एकीकरण करते हुए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना तथा पूरे देश में एक समान व्यवस्था सुनिश्चित करना है। आदेशों के तहत सबसे पहले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ प्रस्तुत किया जाएगा और उसके तुरंत बाद राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ का गायन या वादन किया जाएगा। इस दौरान सभी को अनिवार्य रूप से खड़ा होना होगा।उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने जानकारी देते हुए जिला में आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान के गायन और वादन से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों को एक ही दस्तावेज में समाहित किया गया है, ताकि विभिन्न अवसरों पर इनके प्रस्तुतीकरण को लेकर किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान के अवसर, प्रक्रिया और क्रम का विस्तृत उल्लेख परिशिष्ट-1 तथा परिशिष्ट-2 में किया गया है।राष्ट्रीय गीत के बाद ही होगा राष्ट्रगान :उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी सरकारी, शैक्षणिक, सांस्कृतिक अथवा सार्वजनिक कार्यक्रम में राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान दोनों का गायन या वादन किया जाना हो, तो सबसे पहले राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ प्रस्तुत किया जाएगा और उसके तुरंत बाद राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ का गायन या वादन किया जाएगा। इस क्रम का पालन सभी आयोजनों में अनिवार्य रूप से किया जाएगा।राज्य गीत के संबंध में भी स्पष्ट की गई व्यवस्था :उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि गृह मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों में राज्य गीत गाने या बजाने की परंपरा है, वहां भी राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के निर्धारित क्रम में कोई परिवर्तन नहीं होगा। यदि किसी कार्यक्रम में राज्य गीत के साथ राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान प्रस्तुत किए जाते हैं, तो राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान का निर्धारित क्रम यथावत रखा जाएगा तथा सभी प्रस्तुतियां गरिमा और सम्मान के साथ आयोजित की जाएंगी। उल्लेखनीय है कि हरियाणा प्रदेश का राज्य गीत ‘जय-जय-जय हरियाणा’ है।अधिकृत पाठ एवं शुद्ध उच्चारण का पालन अनिवार्य :उपायुक्त ने बताया कि निर्देशों में कहा गया है कि राष्ट्रीय गीत एवं राष्ट्रगान का गायन या वादन केवल अधिकृत शब्दों, निर्धारित पाठ तथा शुद्ध उच्चारण के साथ ही किया जाए। किसी भी प्रकार की त्रुटि, परिवर्तन अथवा अनधिकृत संस्करण का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। गृह मंत्रालय ने अधिकृत पाठ एवं उच्चारण की जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई है ताकि सभी संस्थान एक समान मानकों का पालन कर सकें।राष्ट्रीय सम्मान बनाए रखने पर विशेष जोर :उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि गृह मंत्रालय ने स्पष्टï किया है कि राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और सम्मान के प्रतीक हैं। इसलिए इनके गायन एवं वादन के दौरान गरिमा, अनुशासन और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन प्रत्येक नागरिक तथा संस्था का दायित्व है। सभी आयोजकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि कार्यक्रमों में इनका प्रस्तुतीकरण सम्मानजनक वातावरण में हो तथा उपस्थित सभी व्यक्ति निर्धारित शिष्टाचार का पालन करें।000
*****
(Release ID: 3509)