azadi ka amrit mahotsav

आरपीआईआईटी संस्थान में पौधारोपण कार्यक्रम

विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी-कल्याण

Posted On: 08 Aug 2026 4:22PM
PrintRelease  करनाल, 8 अगस्त। अग्रकुल सेवा संस्था (रजि.) की ओर से आज बसताड़ा स्थित आरपीआईआईटी संस्थान में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। संस्थान परिसर में पौधारोपण के बाद श्री कल्याण ने बुद्घिजीवियों और समाजसेवियों से भावी पीढिय़ों की सुरक्षा के लिए अधिकाधिक पौधे लगाने का आह्वïान किया। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।
 इस मौके पर श्री कल्याण का संस्था की ओर से पुष्प गुच्छ देकर, शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आरपीआईआईटी के चेयरमैन भरत सिंगला ने की। विधानसभा अध्यक्ष ने संस्थान परिसर में पौधारोपण किया। बाद में बुद्धिजीवियों व समाजसेवियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज को दिशा मिलती है, साथ ही जागृति भी आती है। क्षेत्र, देश व मानवता के लिए ऐसे कार्यक्रमों में सभी को हिस्सा लेना चाहिए।
 उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं। यह संकल्प भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा है। पर्यावरण को दूषित होने से बचाने की जिम्मेदारी सभी की है। भावी पीढिय़ों के लिए बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए एक पेड़ मां के नाम नारे से उसका महत्त्व स्पष्टï है। मां हमें जन्म देती है, पेड़ जीवन को चलाते हैं।
 कोरोना काल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए उस समय सिलेंडरों का सहारा लेना पड़ा। उस स्थिति से सबक लेना चाहिए। पेड़ों से ही प्राणवायु ऑक्सीजन मिलती है। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी की जरूरतें पूरी करने के लिए आधारभूत संरचनाओं, सडक़ों, पुलों, हाईवे आदि का निर्माण जरूरी है लेकिन विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन भी जरूरी है। पौधारोपण और उनके संरक्षण का भाव बच्चों में भी पैदा करना होगा। पर्यावरण से इंसान का स्वास्थ्य जुड़ा है। पर्यावरण शुद्ध होगा तो सेहत ठीक रहेगी और लक्ष्य को भी आसानी से हासिल कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों में पर्यावरण को बचाने और मेहनत के संस्कार डालें। आज पर्यावरण के प्रति जन-जन को जागरूक करने की जरूरत है।
 उन्होंने कहा कि संस्कृति के साथ जुडक़र आगे बढऩा होगा। देश की महान संस्कृति में योग के माध्यम से स्वास्थ्य, शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य की चिंता की गई है। गीता जीवन जीने की कला सिखाती है, कला व संगीत भी समाज को जोड़ता है। त्यौहार-सामाजिक कार्यक्रमों से समाज में एकता का भाव आता है। देश की महान संस्कृति का हर भाग आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है। पेड़-पौधों की पूजा करना, नदी को मां के रूप में संबोधित करना भारतीय संस्कृति में शामिल है। उन्होंने कहा पौधारोपण के प्रति जागृति हर पाठशाला से निकलनी चाहिए। भावनात्मक रूप से पेड़ों से जुड़ें, अधिकाधिक पौधे लगाकर उनका संरक्षण सुनिश्चित करें ताकि पर्यावरण स्वच्छ रह सके।
 इस मौके पर संस्था के प्रधान विनोद गुप्ता, महासचिव नरेश गर्ग, कैशियर दीपक गुप्ता, आरपीआईआईटी के चेयरमैन भरत सिंगला आदि मौजूद रहे।

 

*****

 


(Release ID: 3966)