तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में मामलों के निपटारे से पक्षकारों को बड़ी राहत
दीवानी से लेकर फौजदारी, यातायात चालान, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद और बैंक ऋण वसूली तक के मामलों का हुआ सुलह-समझौते से समाधान
Posted On:
12 Sep 2026 7:43PM
रेवाड़ी, 12 सितंबर।
आमजन को शीघ्र, सस्ता एवं सुलभ न्याय उपलब्ध करवाने तथा लंबित मामलों का आपसी सहमति से समाधान करने के उद्देश्य से शनिवार को रेवाड़ी जिले में तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार गुरविंदर सिंह वाधवा, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रेवाड़ी के मार्गदर्शन में तथा अमित वर्मा, सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ श्रेणी) एवं अतरिक्त मुख्य दंडाधिकारी, रेवाड़ी के नेतृत्व में जिला न्यायालय रेवाड़ी सहित उपमंडलीय न्यायालय कोसली एवं बावल में लोक अदालत का आयोजन किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान विभिन्न श्रेणियों के मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। इनमें दीवानी मामले, फौजदारी मामले, यातायात चालान, मोटर दुर्घटना दावा मामले, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस से संबंधित मामले, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामले, उपभोक्ता विवाद, श्रम संबंधी मामले तथा बैंक ऋण वसूली से संबंधित मामलों का निपटारा किया गया।
रेवाड़ी में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए विभिन्न न्यायिक अधिकारियों की पीठों का गठन किया गया। इनमें अरविंद नशियर, प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, रेवाड़ी; अमित गौतम, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, रेवाड़ी; जोगिंदरी, अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-एवं-मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, रेवाड़ी; विश्वास खटक, सिविल जज (जूनियर डिवीजन)-एवं-न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रेवाड़ी तथा आशीष मंडल, सिविल जज (जूनियर डिवीजन)-एवं-न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रेवाड़ी की पीठें शामिल रहीं।
इसी प्रकार उपमंडल बावल में आलोक आनंद, अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-एवं-उपमंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट, बावल तथा उपमंडल कोसली में अशोक कुमार, अतिरिक्त सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-एवं-उपमंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट, कोसली की पीठ गठित की गई।
राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान गठित सभी पीठों द्वारा कुल 18421 मामलों का निपटारा किया गया तथा कुल 7,39,50,131 रूपये की राशि से संबंधित मामलों का समाधान किया गया। आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते से मामलों का निपटारा होने से लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे पक्षकारों को बड़ी राहत मिली। राष्ट्रीय लोक अदालत के आयोजन से पहले जिला रेवाड़ी में आयोजित प्री-लोक अदालतों के माध्यम से भी बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा किया गया। प्री-लोक अदालतों में लंबित मामलों का समाधान किया गया। इसके अतिरिक्त पूर्व-विवादित मामलों का भी निपटारा किया गया।
लोक अदालत में मामलों के निपटारे से पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली। आपसी सहमति से विवादों का समाधान होने के कारण पक्षकारों के समय और धन की बचत हुई तथा उन्हें बार-बार न्यायालय के चक्कर लगाने की परेशानी से भी मुक्ति मिली। राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य अधिक से अधिक मामलों का सौहार्दपूर्ण ढंग से समाधान कर आमजन को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध करवाना रहा। राष्ट्रीय लोक अदालत ने यह संदेश दिया कि आपसी समझ, सहमति और सुलह के माध्यम से विवादों का शीघ्र एवं शांतिपूर्ण समाधान संभव है।
----------
*****
(Release ID: 5973)