जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पलवल, होडल व हथीन मे लगाई राष्ट्रीय लोक अदालत
-राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए जिला, पलवल में किया गया लंबित मामलों का निपटारा
-कुल 21935 केसों में से 9733 केसों का किया मौके पर ही निपटान, 09 करोड़ 25 लाख 08 हजार 68 रुपए की हुई सेटलमेंट
Posted On:
12 Sep 2026 8:27PM
पलवल, 12 सितंबर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार शनिवार को जिला पलवल की अदालतों में हरियाणा विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की अध्यक्ष राज गुप्ता के मार्गदर्शन तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं प्राधिकरण के सचिव हरीश गोयल के नेतृत्व में राष्ट्रीय लोक अदालत में केसों का निपटारा करने के लिए जिला अदालत पलवल, होडल एवं हथीन की अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालतें लगाई गई। लोक अदालतों में कुल 21935 केसों में से 9733 केसों का निपटारा किया गया तथा 09 करोड़ 25 लाख 08 हजार 68 रुपए की सेटलमेंट हुई। राष्ट्रीय लोक अदालत में सभी विचाराधीन मामलों के निपटारे के लिए प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय पायल मित्तल, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश हेम राज मित्तल, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आकृति वर्मा, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी साक्षी सैनी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दिव्या कालिया, उप-मंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट गरिमा यादव, हथीन और उप-मंडलीय न्यायिक मजिस्ट्रेट अपर्णा चौधरी की न्यायिक पीठों का गठन किया गया। इन न्यायिक पीठों में प्राधिकरण के पैनल अधिवक्ता बृजेश चौधरी, रण सिंह तेवतिया, चंदर प्रकाश, किरण बाला, कोमल, पलवल, मो. अनीश, हथीन और सुभाष रंगा, होडल को भी बतौर सदस्य पीठ में शामिल किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी हरीश गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत प्री-लोक अदालतों का आयोजन किया गया था। इन प्री-लोक अदालतों में राष्ट्रीय लोक अदालत के मद्देनजर लंबित मामलों का निपटारा किया गया। इसके अलावा लोक अदालत के माध्यम से वाहन दुर्घटना मुआवजा, बैंक वसूली, राजीनामा योग्य फौजदारी मामले, बिजली एवं पानी के बिल संबंधी मामले, श्रम विवाद, सभी प्रकार के पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, राजस्व आदि मामलों को भी निपटाने का हर संभव प्रयास किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विवादों को आपसी सुलह और समझौते के आधार पर निपटाने का प्रयास किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर व्हीकल एक्ट और बिजली चोरी के मामलों की भी सुनवाई की गई।000
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(Release ID: 5975)