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यूएवी एवं एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस का राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष 14 सितंबर को करेंगे उद्घाटन

Posted On: 13 Sep 2026 6:34PM

चंडीगढ़, 13 सितंबर: जे.सी. बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, फरीदाबाद ने उभरती रक्षा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए यूएवी एवं एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी के लिए समर्पित अपनी तरह का पहला  सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापित किया है। इस केंद्र का उद्घाटन विश्वविद्यालय के 6वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर 14 सितंबर को हरियाणा के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष द्वारा किया जाएगा। 

यह पहल रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उभरती प्रौद्योगिकियों में स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को विकास करने में हरियाणा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

 

महामहिम राज्यपाल द्वारा इस अवसर पर अन्य प्रमुख परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया जाएगा, जिनमें इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी में उत्कृष्टता केंद्र, विजुअल डिजाइन एवं एनीमेशन स्टूडियो तथा नवनिर्मित बहुमंजिला दीनदयाल उपाध्याय नॉलेज रिसोर्स सेंटर शामिल हैं।

 

कम्युनिटी कॉलेज ऑफ स्किल डेवलपमेंट एवं  इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के द्वारा हरियाणा सरकार के सहयोग से विकसित यह केंद्र हरियाणा में अपनी तरह का पहला समर्पित शैक्षणिक केंद्र है। इसमें यूएवी तथा काउंटर-यूएएस एवं एंटी-ड्रोन तकनीकों को शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और नवाचार के लिए विकसित किया गया है।

 

विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजीव कुमार ने कहा कि यह केंद्र उभरती और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के लिए विद्यार्थियों को तैयार करने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता का परिचायक है। उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य केवल एक प्रयोगशाला स्थापित करना नहीं है, बल्कि एक ऐसा समग्र शैक्षणिक एवं अनुसंधान तंत्र विकसित करना है, जहां विद्यार्थी और शोधार्थी यूएवी तथा एंटी-ड्रोन तकनीकों में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल और अनुसंधान अनुभव प्राप्त कर सकें। यह पहल हरियाणा में विशेषज्ञ मानव संसाधन तथा स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

 

कम्युनिटी कॉलेज ऑफ स्किल डेवलपमेंट के प्राचार्य प्रो. संजीव गोयल ने कहा कि केंद्र तथा इससे संबंधित विशेषीकृत पीजी डिप्लोमा कार्यक्रम का उद्देश्य कक्षा में प्राप्त ज्ञान और वास्तविक परिचालन आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करना है। उन्होंने कहा, इस पहल का मुख्य फोकस व्यावहारिक प्रशिक्षण और परिचालन दक्षता पर है। संरचित प्रशिक्षण, सिमुलेशन, ड्रोन असेंबली, फ्लाइट टेस्टिंग तथा काउंटर-ड्रोन प्रणालियों के प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से विद्यार्थियों को तेजी से विकसित हो रहे यूएवी और एंटी-ड्रोन प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए आवश्यक कौशल प्रदान किए जाएंगे।

 

इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष प्रो. मुनीष वशिष्ठ ने बताया कि केंद्र में अत्याधुनिक यूएवी सिस्टम, ड्रोन सिमुलेटर, रेडियो फ्रीक्वेंसी डिटेक्शन एवं एनालिसिस सुविधाएं, कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम तथा एकीकृत 'डिटेक्ट,  ट्रैक, आइडेंटिफाई, न्यूट्रलाइज' (पता लगानेट्रैक करनेपहचाननेनिष्क्रिय करने) की क्षमता उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, केंद्र में यूएवी असेंबली एवं फ्लाइट टेस्टिंग, मिशन प्लानिंग और सिमुलेशन की सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

 

क्रमांक— 2026


 

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(Release ID: 6017)