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किसान हित में ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल 21 से 27 सितंबर तक दोबारा खुला

-खरीफ-2026 में फसल पंजीकरण से वंचित किसान संबंधित एसडीएम को दे सकते हैं आवेदन : उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर

Posted On: 21 Sep 2026 7:10PM
पलवल, 21 सितंबर। किसान हित को ध्यान में रखते हुए खरीफ-2026 सीजन के दौरान फसल पंजीकरण से वंचित किसानों के लिए ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ (एमएफएमबी) पोर्टल को 21 सितंबर 2026 से 27 सितंबर 2026 तक दोबारा खोल दिया गया है। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि जिन किसानों ने खरीफ-2026 सीजन में अपनी फसल का पंजीकरण ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर नहीं करवाया है, वे संबंधित एसडीएम के समक्ष लिखित आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
उपायुक्त ने बताया कि आवेदन में भूमि का पूरा विवरण, जिसमें खेवट एवं खसरा नंबर, बोई गई फसल तथा खेती के अंतर्गत वास्तविक क्षेत्रफल का विवरण देना अनिवार्य होगा। संबंधित एसडीएम द्वारा प्राप्त आवेदन का विवरण निर्धारित लॉगिन के माध्यम से ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर दर्ज करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्राप्त आवेदनों का तीन दिनों के भीतर क्षेत्रीय सत्यापन संबंधित सर्कल राजस्व अधिकारी (सीआरओ) अर्थात तहसीलदार/नायब तहसीलदार के लॉगिन के माध्यम से एमएफएमबी के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार करवाया जाएगा। सत्यापन के उपरांत किसान की अनुमानित उत्पादन संबंधी जानकारी तैयार कर ई-खरीद पोर्टल के साथ साझा की जाएगी। इससे पात्र किसानों को खरीद प्रणाली में शामिल होकर अपनी कृषि उपज बेचने में सुविधा मिलेगी।

पहले से पंजीकृत भूमि या फसल का दोबारा पंजीकरण नहीं होगा

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि खरीफ-2026 में पहले से पंजीकृत किसी भूमि अथवा फसल क्षेत्र का दोबारा पंजीकरण नहीं किया जाएगा। यदि किसी भूमि अथवा फसल क्षेत्र पर पहले ही किसी अन्य किसान द्वारा दावा किया जा चुका है, तो ऐसी भूमि दोबारा पंजीकरण के लिए पात्र नहीं होगी। ऐसे मामलों में किसान निर्धारित फार्मर लॉगिन के माध्यम से शिकायत दर्ज करवा सकता है।

ब्लॉक की गई भूमि एवं सीआरएम श्रेणी के मामले भी निर्धारित नियमों के अधीन

उन्होंने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) योजना के तहत दिशा-निर्देशों के अनुसार ब्लॉक किए गए किसान अथवा भूमि के टुकड़े इस विशेष अवसर के तहत पंजीकरण के लिए पात्र नहीं होंगे। सरकारी भूमि एवं पंचायती भूमि का पंजीकरण भी एमएफएमबी के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किया जाएगा।
उपायुक्त ने किसानों से अपील की कि वे निर्धारित 27 सितंबर 2026 तक अपनी फसल एवं भूमि का सही विवरण संबंधित एसडीएम को उपलब्ध करवाते हुए पंजीकरण प्रक्रिया पूर्ण करवाएं, ताकि पात्र किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर अपनी कृषि उपज मंडी में बेचने का लाभ प्राप्त कर सकें।
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(Release ID: 6836)