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चिरायु-आयुष्मान योजना के तहत जिला नूंह में 85 हजार 647 लोगों ने चिकित्सा सुविधा का लिया लाभ
- कई गंभीर बीमारियों व दुर्घटना पर उपचार पैकेज के तहत मिलता है लाभ
Posted On:
22 Sep 2026 5:19PM
नूंह, 22 सितंबर। उपायुक्त अखिल पिलानी ने सेवा संकल्प अभियान के मॉड्यूल 'सेवा की कहानी के तहत चिरायु-आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि योजना के तहत पात्र परिवारों को प्रति वर्ष प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। जिला नूंह में इस योजना के तहत अब तक करीब 85 हजार 647 लोगों ने चिकित्सा सुविधा का लाभ लिया है।
उपायुक्त ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए पात्र लाभार्थी के पास आयुष्मान कार्ड होना आवश्यक है। सरकारी अथवा सूचीबद्ध अस्पताल में आयुष्मान मित्र या संबंधित डेस्क पर आयुष्मान कार्ड तथा पहचान संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने पर उपचार की सुविधा मिलती है। निर्धारित सूचीबद्ध अस्पतालों में ही बीमारी की जांच तथा संबंधित पैकेज के अनुसार कैशलेस उपचार किया जाता है। इस योजना के तहत उपचार में चिकित्सा, जांच, दवाइयां, अस्पताल में भर्ती, आईसीयू आदि से संबंधित सूचीबद्ध खर्च शामिल हैं। योजना की पोर्टेबिलिटी पूरे भारत में है, अर्थात पात्र लाभार्थी देश के किसी अन्य राज्य के सूचीबद्ध अस्पताल में भी उपचार का लाभ ले सकता है। सामान्यत: योजना के तहत ओपीडी उपचार कवर नहीं है। योजना में उम्र और लिंग संबंधी कोई शर्त नहीं है।
उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा में मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना से जुड़े ऐसे परिवार, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है, उन्हें चिरायु-आयुष्मान योजना का लाभ दिया जाता है। चिरायु-आयुष्मान कार्ड के तहत सूचीबद्ध उपचार पैकेज और अस्पताल में भर्ती होने पर लाभ प्रदान किया जाता है। योजना के तहत हृदय संबंधी उपचार एवं सर्जरी, कैंसर, किडनी संबंधी उपचार, गंभीर चोट एवं दुर्घटना, सामान्य एवं बड़ी सर्जरी, ऑर्थोपेडिक उपचार, न्यूरोसर्जरी, स्त्री एवं प्रसूति संबंधी कुछ उपचार, बच्चों के विभिन्न गंभीर उपचार, आईसीयू उपचार, डे-केयर प्रक्रियाएं, जांच एवं दवाइयां तथा संबंधित पैकेज में शामिल अन्य उपचारों की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि चिरायु-आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड, परिवार पहचान-पत्र तथा पात्रता/एंटाइटलमेंट से संबंधित रिकॉर्ड की आवश्यकता होती है। यह कार्ड सूचीबद्ध अस्पताल में आयुष्मान कियोस्क अथवा सीएससी सेंटर के माध्यम से बनवाया जा सकता है। योजना के अंतर्गत आने वाले उपचार के लिए अस्पताल लाभार्थी से अनधिकृत अतिरिक्त राशि नहीं ले सकता। हालांकि, यदि उपचार से संबंधित पैकेज अथवा कवर की स्वीकृत राशि 5 लाख रुपये से अधिक है, तो अतिरिक्त राशि सरकार द्वारा वहन नहीं की जाती और ऐसी स्थिति में अतिरिक्त खर्च पैकेज तथा अस्पताल के नियमों पर निर्भर करता है।
उपायुक्त ने बताया कि आयुष्मान अथवा चिरायु योजना से संबंधित सहायता एवं आधिकारिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 14555 जारी किया गया है। हरियाणा के आधिकारिक पोर्टल पर सूचीबद्ध अस्पतालों की जानकारी तथा शिकायत दर्ज करवाने की व्यवस्था भी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि परिवार पहचान-पत्र में जिन परिवारों की वार्षिक आय 1.80 लाख से 3 लाख रुपये तक है, वे 1,500 रुपये वार्षिक, 3 लाख से 6 लाख रुपये तक आय वाले परिवार 4,000 रुपये वार्षिक तथा 6 लाख रुपये से अधिक आय वाले परिवार 5,000 रुपये वार्षिक भुगतान कर योजना के तहत प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक के उपचार का लाभ ले सकते हैं। उन्होंने बताया कि चिरायु-आयुष्मान योजना के तहत जिला नूंह में सूचीबद्ध सरकारी अस्पतालों में अल-आफिया सिविल अस्पताल, शहीद हसन खान मेवाती राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, सीएचसी नूंह, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुन्हाना, सीएचसी तावड़ू, सीएचसी फिरोजपुर झिरका, सीएचसी पिनगवां, तिगांव, पीएचसी सिकरावा, बिसरू, जमालगढ़, सुढाका, कालियाका, सिंगार, मोहम्मदपुर अहीर, जौरासी, नगीना, मरोड़ा बीवां, बाई तथा उजीना शामिल हैं। वहीं निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में बोहरा अस्पताल एंड मेडिकल, देवांश अस्पताल, विश्वकर्मा अस्पताल, मलिक अस्पताल तथा हुसैन अस्पताल शामिल हैं।
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(Release ID: 6973)