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फसल खरीद प्रक्रिया से संबंधित प्रबंध केवल कागजों में नहीं मंडियों में होने चाहिए सुनिश्चित : उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर

-उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश

-मंडियों में किसानों की सुविधा का रखें पूरा ख्याल, किसानों को फसल बेचने में न हो किसी प्रकार की कोई परेशानी

-मंडी परिसरों में सफाई, पेयजल, बिजली व अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करने पर रहा विशेष फोकस

-उपायुक्त डा. छिल्लर ने खरीद सीजन 2026-27 को सुचारू एवं पारदर्शी बनाने पर दिया जोर

Posted On: 22 Sep 2026 7:00PM
PrintRelease पलवल, 22 सितंबर। हरियाणा सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा और खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने मंगलवार को खरीफ सीजन वर्ष 2026-27 के दौरान खरीद प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने के उद्देश्य से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से जिला उपायुक्तों की राज्य स्तरीय बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला पलवल से उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वर्चुअल माध्यम से राज्य स्तरीय बैठक से जुड़े और बैठक में दिए गए निर्देशों को ध्यानपूर्वक सुना।
उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने वीडियो कांफ्रेंस उपरांत खरीफ सीजन वर्ष 2026-27 के दौरान खरीद प्रक्रिया को सुचारू, पारदर्शी एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने के उद्देश्य से संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ धान खरीद सीजन के दौरान मंडियों में आवश्यक व्यवस्थाओं एवं प्रबंधों को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीद प्रक्रिया की शुरुआत के लिए पहली अक्टूबर निर्धारित की गई है।
उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिला की सभी संबंधित मंडियों में खरीफ सीजन के दौरान फसल खरीद से पहले आवश्यक तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं। उन्होंने मंडी सचिव को सख्त निर्देश दिए कि अनाज मंडियों में फसल खरीद प्रक्रिया से संबंधित प्रबंध कागजों में नहीं धरातल पर होने चाहिएं। उन्होंने मंडी सचिव को राज्य स्तरीय बैठक में दिए गए निर्देशों अनुसार मंडियों में सभी व्यवस्थाएं करवाने और अंडरटेकर देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं और संबंधित एसडीएम मंडियों में व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे और यदि कमी पाई गई तो कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने जिला राजस्व अधिकारी को मिसमैच डाटा का वेरिफिकेशन करवाने और जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक को उनके विभाग से संबंधित आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए।
उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने मंडी में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, सड़क एवं पार्किंग सहित किसानों के लिए जरूरी सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि धान खरीद के दौरान किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मंडियों में फसल की आवक, खरीद, उठान तथा संबंधित प्रक्रियाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाए ताकि किसानों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।
उपायुक्त ने बैठक में संबंधित खरीद एजेंसियों, मंडी अधिकारियों तथा अन्य विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की भी समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में आने वाली धान की फसल की खरीद निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुसार सुनिश्चित की जाए तथा खरीद प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए। विपणन सीजन 2026-27 के लिए सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपए प्रति क्विंटल और ग्रेड ‘ए’ धान का एमएसपी 2,461 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसानों को समय पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाते हुए धान खरीद सीजन को सफलतापूर्वक संपन्न करवाना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि हैफेड, एचडब्ल्यूसी एवं एफसीआई के सभी गोदामों की लोकेशन मैप पर जियो-टैगिंग की जाए तथा संबंधित स्टेकहोल्डर्स के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। मिलर्स के पास स्टॉक के भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। स्टॉक के रखरखाव एवं खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।
उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने निर्देश दिए कि किसानों से एमएसपी से कम दर पर खरीद नहीं की जाए तथा संबंधित अधिकारियों द्वारा मिलर्स और स्टॉक का नियमित रूप से फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाए। फसल की बिना गेट पास के एंट्री नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मंडियों में अटल कैंटीन का सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित किया जाए ताकि किसानों को वहां भोजन मिल सके। उन्होंने कहा कि मंडियों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था होनी चाहिए और उनकी नियमित निगरानी की जाए। फसल को बारिश अन्य कारणों से भीगने से बचाने के लिए पर्याप्त एवं प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

किसान फसल अच्छी तरह सुखाकर मंडी में लाएं : उपायुक्त

उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने किसान से आह्वान किया कि वे अपनी फसल को मंडी में लाने से पहले अच्छी तरह सुखा लें। फसल में अधिक नमी होने से खरीद के दौरान किसानों को परेशानी हो सकती है और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। धान की कटाई के बाद उसे पर्याप्त समय तक धूप में सुखाएं तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। फसल से मिट्टी, कचरा, भूसा और अन्य अवांछित पदार्थ अलग कर लें। निर्धारित नमी मानकों के अनुसार फसल तैयार होने पर ही उसे मंडी में लेकर आएं। इससे फसल की गुणवत्ता बनी रहेगी और खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी करने में सुविधा होगी। बैठक में जिला राजस्व अधिकारी बलराज सिंह दांगी, डीएफएससी सौरभ चौयल सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण व खरीद एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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