सीआरएम योजना के तहत सुपर सीडर मशीनों का किया गया भौतिक सत्यापन
-होडल, हथीन व पलवल ब्लॉक में अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर किया मशीनों का निरीक्षण
Posted On:
22 Sep 2026 6:59PM
पलवल, 22 सितंबर। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) योजना के अंतर्गत किसानों को उपलब्ध करवाई गई सुपर सीडर मशीनों का 22 सितंबर को होडल, हथीन एवं पलवल ब्लॉक में भौतिक सत्यापन किया गया। इस दौरान विभागीय अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों की टीम ने निर्धारित स्थानों पर पहुंचकर कृषि यंत्रों का निरीक्षण किया तथा आवश्यक दस्तावेजों एवं विवरणों का मिलान किया।
सहायक कृषि अभियंता सहित अधिकारियों ने किया निरीक्षणभौतिक सत्यापन के दौरान सहायक कृषि अभियंता विजय कुमार सहित जीएसटी अधिकारी, पटवारी एवं अन्य संबंधित विभागीय कर्मचारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर सुपर सीडर मशीनों की जांच की। टीम द्वारा मशीनों की उपलब्धता के साथ-साथ उनसे संबंधित दस्तावेजों एवं अन्य आवश्यक विवरणों का भी सत्यापन किया गया।
हथीन में तहसीलदार एवं कृषि अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ सत्यापनइसी क्रम में हथीन ब्लॉक में कृषि विकास अधिकारी (इंजीनियरिंग) जय सिंह, तहसीलदार तथा अन्य संबंधित स्टाफ की उपस्थिति में सुपर सीडर मशीनों का भौतिक सत्यापन किया गया। अधिकारियों ने योजना के तहत उपलब्ध करवाए गए कृषि यंत्रों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच करते हुए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन की कार्रवाई पूरी की।
फसल अवशेष प्रबंधन को बढ़ावा देना है सीआरएम योजना का उद्देश्यअधिकारियों ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) योजना का मुख्य उद्देश्य फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन को बढ़ावा देना, किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध करवाना तथा पराली जलाने की समस्या को कम करना है। सुपर सीडर जैसी आधुनिक कृषि मशीनों के माध्यम से किसान फसल अवशेषों को जलाए बिना गेहूं की बिजाई कर सकते हैं। इससे मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है।
पात्र किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा रहा योजना का लाभविभाग द्वारा सीआरएम योजना के तहत किसानों को उपलब्ध करवाए गए कृषि यंत्रों का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भौतिक सत्यापन लगातार किया जा रहा है, ताकि योजना का लाभ पात्र किसानों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा सके। जिला प्रशासन द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेषों एवं पराली को आग न लगाएं तथा उपलब्ध आधुनिक कृषि तकनीकों एवं कृषि यंत्रों का उपयोग करते हुए फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें। पराली न जलाकर किसान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भूमि की उर्वरता बनाए रखने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
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(Release ID: 7035)