मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0 से विवादों के आपसी सहमति से समाधान का सुनहरा अवसर : सीजेएम हरीश गोयल
-30 सितंबर तक मध्यस्थता योग्य मामलों की होगी पहचान
-वैवाहिक, चेक बाउंस, संपत्ति व वाणिज्यिक विवादों का हो सकेगा समाधान
-हेल्पलाइन नंबर 01275-298003 पर मिलेगी मध्यस्थता संबंधी जानकारी
Posted On:
22 Sep 2026 6:42PM
पलवल, 22 सितंबर। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण पलवल के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी हरीश गोयल ने आमजन को जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण नई दिल्ली तथा मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शन में देशव्यापी विशेष अभियान ‘मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0’ चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य न्यायालयों में लंबित ऐसे मामलों का सौहार्दपूर्ण, त्वरित एवं कम खर्चीला समाधान सुनिश्चित करना है, जिनमें आपसी समझौते की संभावना मौजूद है।सीजेएम हरीश गोयल ने बताया कि अभियान के तहत मध्यस्थता के माध्यम से समाधान योग्य मामलों की पहचान की जा रही है। इसके बाद 1 अक्टूबर, 2026 से ‘मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0’ अभियान का विधिवत शुभारंभ होगा। उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत वैवाहिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा मामले, घरेलू हिंसा से संबंधित मामले, चेक बाउंस यानी धारा 138 एन.आई. एक्ट के मामले, वाणिज्यिक एवं व्यापारिक विवाद, सेवा संबंधी मामले, समझौता योग्य आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद, विभागीय वसूली, संपत्ति विभाजन, बेदखली एवं किरायेदारी विवाद, भूमि अधिग्रहण तथा अन्य उपयुक्त सिविल मामलों को मध्यस्थता के लिए चिन्हित किया जा रहा है।सीजेएम हरीश गोयल ने कहा कि मध्यस्थता ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें दोनों पक्ष निष्पक्ष मध्यस्थ की सहायता से आपसी सहमति के आधार पर विवाद का समाधान तलाशते हैं। इससे समय एवं धन की बचत होने के साथ-साथ अनावश्यक मानसिक तनाव भी कम होता है और आपसी संबंधों को बनाए रखने में मदद मिलती है। मध्यस्थता की कार्यवाही गोपनीय होती है तथा पक्षकार अपनी सुविधा और सहमति के अनुसार समाधान तक पहुंच सकते हैं।सचिव हरीश गोयल ने जिले के नागरिकों, अधिवक्ताओं, सरकारी विभागों, संस्थानों तथा न्यायालयों में लंबित मामलों के पक्षकारों से अपील की कि वे इस अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। न्यायालय में लंबित मामलों के पक्षकार अपने संबंधित न्यायालय के समक्ष आवेदन देकर मामले को मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र भेजने का अनुरोध कर सकते हैं। वहीं, न्यायालय में वाद दायर करने से पूर्व भी विवाद के समाधान के लिए जिला न्यायालय परिसर स्थित मध्यस्थता एवं सुलह केंद्र अथवा जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, पलवल से संपर्क किया जा सकता है।सीजेएम हरीश गोयल ने बताया कि अभियान के दौरान मध्यस्थता योग्य मामलों की सूची न्यायालयों के नोटिस बोर्ड, बार एसोसिएशन तथा संबंधित आधिकारिक माध्यमों पर प्रदर्शित की जाएगी। आमजन किसी भी सहायता, जानकारी या मध्यस्थता संबंधी मार्गदर्शन के लिए जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण, पलवल के हेल्पलाइन नंबर 01275-298003 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वे ‘मेडिएशन फॉर द नेशन 3.0’ में सक्रिय भागीदारी निभाएं और विवादों के शांतिपूर्ण, त्वरित एवं स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाकर इस राष्ट्रीय पहल को सफल बनाएं।000
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(Release ID: 7047)