आईआईएम रोहतक के विद्यार्थियों ने रेवाड़ी के ऐतिहासिक एवं सार्वजनिक संस्थानों का किया भ्रमण
ग्रामीण सहभागिता कार्यक्रम के तीसरे दिन स्टीम लोकोमोटिव शेड और रामपुरा पुलिस स्टेशन में विद्यार्थियों ने समझी विरासत, प्रशासनिक व्यवस्था और जनसेवा की कार्यप्रणाली
Posted On:
23 Sep 2026 5:23PM
रेवाड़ी, 23 सितंबर।
भारतीय प्रबंधन संस्थान रोहतक के ग्रामीण सहभागिता कार्यक्रम 2026 के तीसरे दिन बुधवार को विद्यार्थियों ने रेवाड़ी शहर के विभिन्न ऐतिहासिक, सार्वजनिक एवं सामाजिक स्थलों का भ्रमण किया। कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों ने रेवाड़ी स्टीम लोकोमोटिव शेड एवं हेरिटेज म्यूजियम, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे सब-डिवीजन अस्पताल, अवर लेडी ऑफ हॉली रोजरी चर्च, रामपुरा पुलिस स्टेशन तथा रेवाड़ी के स्थानीय बाजार का दौरा किया।
स्टीम लोकोमोटिव शेड में विद्यार्थियों ने रेवाड़ी की रेलवे विरासत, स्टीम लोकोमोटिव से जुड़ी ऐतिहासिक जानकारी तथा रेलवे से संबंधित तकनीकी एवं सांस्कृतिक पहलुओं को समझा। हेरिटेज म्यूजियम के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्थानीय इतिहास और औद्योगिक विरासत को करीब से देखने का अवसर प्राप्त किया। इसके साथ ही रेलवे अस्पताल तथा चर्च का भ्रमण करते हुए विद्यार्थियों ने शहर की सार्वजनिक सेवाओं और सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत के विभिन्न पहलुओं को समझा। रेवाड़ी बाजार में विद्यार्थियों ने स्थानीय व्यापार, उपभोक्ता व्यवहार और बदलते बाजार रुझानों का भी प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
रामपुरा पुलिस स्टेशन का भ्रमण भी विद्यार्थियों के अध्ययन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। यहां विद्यार्थियों ने पुलिस व्यवस्था, स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था, नागरिकों के साथ पुलिस के संवाद तथा पुलिस स्टेशन की दैनिक कार्यप्रणाली को समझने का प्रयास किया। विद्यार्थियों ने पुलिस अधिकारियों से बातचीत कर स्थानीय स्तर पर सार्वजनिक सेवा, नागरिक सुरक्षा और प्रशासनिक समन्वय से जुड़े पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। यह भ्रमण ग्रामीण सहभागिता कार्यक्रम की 'जेन जेड कंजप्शन मीडिया एंड एस्पिरेशंस' थीम के अंतर्गत युवाओं के बदलते व्यवहार, सार्वजनिक संस्थानों के प्रति उनकी धारणा तथा स्थानीय सामाजिक परिवेश को समझने के व्यापक अध्ययन से जोड़ा गया।
आईआईएम रोहतक की ओर से सौरभ यादव कॉर्डिनेटर तथा रिसर्च स्कॉलर मनीष ठाकरे ने विद्यार्थियों के फील्ड विजिट का समन्वय किया। इस फील्डवर्क के माध्यम से विद्यार्थियों को रेवाड़ी की ऐतिहासिक विरासत, सार्वजनिक संस्थानों, स्थानीय बाजार और सामाजिक परिवेश को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिला।
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(Release ID: 7091)