रोहतक, 23 सितंबर। उपायुक्त सतबीर सिंह ने आह्वान किया कि प्रत्येक नागरिक अपने स्तर पर देश और समाज की समग्र भलाई, उत्पादकता और शांति में योगदान देकर अमर शहीदों के सपनों को साकार करने में अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि शहीदों की शहादत को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, अनुशासन और सेवा भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
उपायुक्त सतबीर सिंह आज सेवा संकल्प अभियान के तहत महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के गेट के समीप स्थित युद्ध स्मारक पर आयोजित हरियाणा वीर एवं शहीदी दिवस कार्यक्रम में शहीदों को नमन करने के उपरांत उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की शुरुआत पुलिस बल द्वारा सलामी के साथ हुई। उपायुक्त ने युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित एवं माल्यार्पण कर देश के अमर वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
सतबीर सिंह ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा के लिए हमारे वीर सैनिक दिन-रात अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं, जिसके कारण देशवासी सुरक्षित वातावरण में अपना जीवन यापन कर पा रहे हैं। हरियाणा वीरों और खिलाडिय़ों की भूमि है तथा छोटा प्रदेश होने के बावजूद सेना में हरियाणा की भागीदारी उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि बाहरी सुरक्षा के बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा अमर शहीदों का बलिदान सामूहिक सुरक्षा, सामाजिक स्थिरता और राष्ट्र निर्माण की नींव है।
उपायुक्त सतबीर सिंह ने कहा कि 23 सितंबर 1863 को राव तुलाराम का शहादत दिवस इसी सामूहिक चेतना और देशभक्ति का प्रतीक है। उन्होंने अपनी सत्ता, रियासत और सुख-सुविधाओं का त्याग कर औपनिवेशिक सत्ता के विरुद्ध जन-संघर्ष का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि वीरों की शहादत का वास्तविक मूल्य तभी सिद्ध होता है, जब समाज उनके आदर्शों से सीख लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाए।
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- वीर सैनिकों की शौर्य गाथाएं साझा की गईं
- लोक गायक अनिल कंसालिया की टीम ने दी शानदार प्रस्तुति
कार्यक्रम के दौरान देश की रक्षा में योगदान देने वाले वीर सैनिकों के त्याग, शौर्य और साहस की गाथाएं साझा की गईं। ब्रिगेडियर हरबीर सिंह, असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक एवं सूबेदार मेजर रामनिवास ने अपने अनुभवों एवं वीर गाथाओं के माध्यम से उपस्थित लोगों को सैनिकों के अदम्य साहस और देशभक्ति से परिचित कराया। लोक गायक अनिल कंसालिया की टीम ने देशभक्ति से ओत-प्रोत रागनियों की शानदार प्रस्तुति दी। देशभक्ति की रागनियों और वीर सैनिकों की गाथाओं ने पूरे वातावरण को भावनात्मक एवं राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया तथा उपस्थित लोगों को शहीदों के बलिदान और सैनिकों के त्याग का स्मरण कराया।
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- वीर सैनिकों और पूर्व सैनिकों को किया सम्मानित :-
- उपायुक्त ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सैनिकों के योगदान को किया नमन
इस अवसर पर उपायुक्त सतबीर सिंह ने देश की सेवा एवं रक्षा में योगदान देने वाले वीर सैनिकों एवं पूर्व सैनिकों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक, इंस्पेक्टर महावीर सिंह, हेड कांस्टेबल बलबीर सिंह, नायक अनिल, सूबेदार मेजर रामनिवास, हवलदार धर्मवीर, ब्रिगेडियर हरबीर सिंह, नायक जगबीर, हवलदार कमल सिंह तोमर, हवलदार ओमप्रकाश, विंग कमांडर संजय मलिक, हवलदार श्री भगवान, कप्तान सुरता राम, कप्तान रमेश, कप्तान राजबीर, हवलदार पवन, पेटी ऑफिसर चांद सिंह एवं सब इंस्पेक्टर रणधीर सिंह शामिल रहे। उपायुक्त ने कहा कि सैनिकों का त्याग और समर्पण देश की अमूल्य धरोहर है। समाज का दायित्व है कि सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान एवं सहयोग की भावना बनाए रखे।
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पूर्व सैनिकों व उनके परिवारों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर :-
- 155 लोगों की आंखों व दांतों की जांच, पांच मरीजों को निशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए भेजा
कार्यक्रम के दौरान भूतपूर्व पेटी ऑफिसर जगत सिंह गिल के मार्गदर्शन में पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के सदस्यों के लिए नि:शुल्क नेत्र जांच एवं दंत चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। नेत्र जांच शिविर में नेत्र अधिकारी डॉ. प्रमोद एवं पूर्व मुख्य नेत्र अधिकारी डॉ. दिनेश शर्मा द्वारा 80 लोगों की आंखों की जांच की गई। जांच के उपरांत जरूरतमंदों को आवश्यकतानुसार नि:शुल्क दवाइयां उपलब्ध करवाई गईं। जांच के दौरान पांच मरीजों में मोतियाबिंद की समस्या पाई गई, जिन्हें निशुल्क ऑपरेशन के लिए सामान्य अस्पताल भेजा गया। वहीं, दंत विभाग की डॉ. सीमा रानी एवं डॉ. रश्मी दलाल की टीम ने 75 लोगों की दंत जांच की तथा दांतों से संबंधित समस्याओं की पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया।
इस अवसर पर विंग कमांडर गौरिका सुहाग, कल्याण अधिकारी जिला सैनिक बोर्ड, कर्नल राजेंद्र सुहाग, कर्नल संजीव दहिया, कर्नल संदीप नैन, महताब खेड़ी, धर्मबीर, नरेश कुमार, डब्ल्यूओ रविंद्र कादयान, संजय, सुमित देशवाल, कृष्ण, रोहित खासा, अंजू, विकास, मनोज, ब्रिगेडियर हरबीर सिंह कुंडु, सूबेदार पवन एसएम, असिस्टेंट कमांडेंट अजय मलिक, नायक अनिल, सूबेदार मेजर रामनिवास, हवलदार धर्मवीर, नायक जगबीर, हवलदार कमल सिंह तोमर, हवलदार ओमप्रकाश, विंग कमांडर संजय मलिक, हवलदार श्री भगवान, कप्तान सुरता राम, कप्तान रमेश, कप्तान राजबीर, हवलदार पवन, पेटी ऑफिसर चांद सिंह, सब इंस्पेक्टर रणधीर सिंह सहित अनेक पूर्व सैनिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।