आपसी सहमति से मामलों का समाधान कर पक्षकार बचा सकते हैं समय और धन :-सीजेएम डॉ. तरन्नुम खान
Posted On:
23 Sep 2026 5:30PM
रोहतक, 23 सितंबर। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय तेवतिया के मार्गदर्शन में 3 अक्टूबर 2026 को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह विशेष लोक अदालत स्थानीय जिला न्यायालय परिसर तथा महम स्थित उपमंडल न्यायालय में आयोजित की जाएगी।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि विशेष लोक अदालत में मुख्य रूप से परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के अंतर्गत लंबित चेक बाउंस मामलों का आपसी सहमति एवं सौहार्दपूर्ण समझौते के माध्यम से निपटारा किया जाएगा। विशेष लोक अदालत का उद्देश्य संबंधित पक्षकारों को त्वरित, सरल एवं सुलभ न्याय उपलब्ध करवाना है। लोक अदालत के माध्यम से मामलों का आपसी सहमति से निपटारा होने पर पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है। इससे उनके समय और धन दोनों की बचत होती है। साथ ही आपसी समझौते के माध्यम से मामलों के समाधान से पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने में भी सहायता मिलती है।सीजेएम डॉ. तरन्नुम खान ने बताया कि लोक अदालत में आपसी सहमति से हुए निपटारे को अंतिम माना जाता है तथा इसके विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं है। नियमानुसार लोक अदालत में मामले के निपटारे के उपरांत न्यायालय शुल्क की वापसी का भी प्रावधान है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षकारों, अधिवक्ताओं एवं बैंक प्रतिनिधियों से अपील की कि वे 3 अक्टूबर को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करें तथा आपसी सहमति से लंबित मामलों का निपटारा करवाकर इस अवसर का लाभ उठाएं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी संबंधित पक्षों से विशेष लोक अदालत के सफल आयोजन में सहयोग करने का अनुरोध किया है।
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(Release ID: 7097)