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उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के निर्देशानुसार गांव-गांव पहुंचकर किसानों को किया जा रहा जागरूक

-मुनादी के माध्यम से फसल अवशेष न जलाने का दिया जा रहा संदेश

-पराली जलाने से होने वाले पर्यावरणीय एवं स्वास्थ्य संबंधी नुकसान की दी जा रही जानकारी

-किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए किया जा रहा प्रेरित

Posted On: 01 Oct 2026 8:28PM
PrintRelease पलवल, 1 अक्टूबर। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के निर्देशानुसार जिला कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा किसानों एवं आमजन को फसल अवशेष न जलाने के संबंध में लगातार जागरूक किया जा रहा है। धान एवं अन्य फसलों की कटाई के मद्देनजर विभाग द्वारा गांव-गांव जाकर किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
विभाग की ओर से गांवों में मुनादी के माध्यम से किसानों को फसल अवशेष जलाने से होने वाले पर्यावरणीय, स्वास्थ्य एवं भूमि की उर्वरता संबंधी नुकसान के बारे में जानकारी दी जा रही है। किसानों को बताया जा रहा है कि पराली जलाने से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाने के साथ-साथ मानव एवं पशु स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
किसानों को फसल अवशेषों को खेत में न जलाने तथा उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से उनका उचित प्रबंधन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है। साथ ही, कंबाइन हार्वेस्टर ऑपरेटरों एवं फसल कटाई से जुड़े अन्य लोगों को भी प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों की पालना करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
विभाग द्वारा किसानों से अपील की जा रही है कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका उचित प्रबंधन करें और पर्यावरण संरक्षण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि फसल अवशेष जलाने पर प्रतिबंध संबंधी आदेशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार एफआईआर करते हुए कार्रवाई की जाएगी।
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(Release ID: 8182)