Women and Child Development
सेवा संकल्प अभियान के तहत गांव झंझाड़ी में ‘आँगन मिलन सेवा’
Posted On:
03 Oct 2026 11:44AM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुक्रवार को नीलोखेड़ी के गांव संधीर में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक भगवानदास कबीरपंथी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस मौके पर गांव के सरपंच धर्मपाल धीमान, ग्राम सचिव संजय कौशिक, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर अल्का, पंच जय कुमार, सनी केश्वर, राकेश लंग्यान, संजीव केश्वर, राजीव, आशा वर्कर सरोज बाला, सुनीता देवी, पूनम,व गांव के गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा रिबन काटकर एवं पौधारोपण के साथ किया गया। ‘एक पेड़ मां के नाम’ के संदेश के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न जन-जागरूकता एवं सामुदायिक गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिनमें सेल्फी प्वाइंट, स्कूल रेडीनेस मेला तथा रेसिपी कॉर्नर प्रमुख रहे। कार्यक्रम के दौरान गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों के उचित पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक देखभाल के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। इस अवसर पर हरियाणा की समृद्ध लोक संस्कृति एवं परंपराओं को लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। नन्हे-मुन्ने बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में विशेष उत्साह और अपनापन भर दिया। कार्यक्रम में विधायक कबीरपंथी ने कहा कि महिलाएं परिवार और समाज की मजबूत आधारशिला हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार द्वारा विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जिनका लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक पहुंचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा तथा सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं के प्रति जागरूक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों में भारत ने विकास, सुशासन और जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दें और उन्हें आगे बढऩे के समान अवसर प्रदान करें। आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण एवं बाल देखभाल का माध्यम ही नहीं, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण, बच्चों के प्रारंभिक विकास और सामाजिक जागरूकता के महत्वपूर्ण केंद्र भी हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से विभाग और आमजन के बीच संवाद मजबूत होता है तथा सामुदायिक सहभागिता को नई दिशा मिलती है।
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(Release ID: 8333)