Agriculture and farmer welfare
किसान मेले में क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र उचानी की गन्ना एवं मक्का प्रदर्शनी ने हासिल किया प्रथम स्थान
Posted On:
03 Oct 2026 4:22PM
करनाल, 03 अक्तूबर। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार में दो दिवसीय किसान मेले का आयोजन 1 और 2 अक्टूबर को किया गया। किसान मेला में विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों से संबंधित उत्कृष्ट 153 प्रदर्शनियां लगाई गईं। मेले में क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, उचानी (करनाल) द्वारा लगाई गई गन्ना एवं मक्का की प्रदर्शनी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर केंद्र एवं विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया।प्रदर्शनी को प्रथम स्थान प्राप्त होने पर हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय कुलपति ने किसान मेले के समापन समारोह में क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, उचानी के क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक डॉ. महा सिंह तथा वैज्ञानिकों की टीम को प्रमाण-पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया।किसान मेले के दौरान क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, उचानी की प्रदर्शनी में गन्ना एवं मक्का की उन्नत किस्मों, नवीनतम उत्पादन तकनीकों तथा किसानों के लिए उपयोगी कृषि संबंधी तकनीकी जानकारी को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर उत्पादन एवं कृषि की लाभप्रदता बढ़ाने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग तथा किसान मेले के संयोजक डॉ. नरेश कौशिक तथा अन्य सभी अधिकारी भी उपस्थित रहे।क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक डॉ. महा सिंह ने इस उपलब्धि पर क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, उचानी के सभी वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने प्रदर्शनी की सफलता में योगदान देने वाली पूरी टीम का दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान टीम के सामूहिक प्रयास, वैज्ञानिकों की मेहनत तथा किसानों तक नवीन कृषि तकनीकों को पहुंचाने की प्रतिबद्धता का परिणाम है।प्रदर्शनी में क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, उचानी,करनाल की ओर से डॉ. महा सिंह, डॉ. सुधीर शर्मा, डॉ. प्रशांत चौहान, डॉ. हरबिन्दर यादव, डॉ. नवीन कंबोज, डॉ. रमेश तथा डॉ. कनिका पंवार ने सक्रिय रूप से भाग लिया और किसानों को गन्ना एवं मक्का उत्पादन से संबंधित वैज्ञानिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान की।क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, उचानी की इस उपलब्धि से न केवल केंद्र के वैज्ञानिकों का उत्साह बढ़ा है, बल्कि किसानों तक उन्नत कृषि तकनीकों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने के प्रयासों को भी नई गति मिली है।
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(Release ID: 8353)