उपायुक्त महेंद्र पाल ने कहा है कि फसल खरीद में किसानों को किसी स्तर पर परेशानी न हो, इसके लिए प्रत्येक मंडी में खरीद व्यवस्था की निगरानी के लिए एचसीएस व अन्य वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। मंडियों में धान और बाजरे की खरीद, उठान और भुगतान की पूरी व्यवस्था सुचारू रखने की हिदायत दी गई है। वीरवार को पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने बताया कि हिसार की मंडियों में अभी तक धान की कुल खरीद 9365 मीट्रिक टन तथा बाजरा की कुल खरीद 3544 मीट्रिक टन हुई है। किसानों को बाजरे के लिए 2,900 रुपये प्रति क्विंटल के दाम सुनिश्चित किए जाएंगे। इसमें भावान्तर भरपाई योजना के तहत किसानों को 600 प्रति क्विंटल का लाभ दिया जाएगा।
उपायुक्त महेंद्र पाल ने बताया कि जिले में किसानों को यूरिया और डीएपी खाद उपलब्ध करवाने के लिए भी पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं। आंकड़ों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन के लिए 1 लाख 10 हजार मीट्रिक टन यूरिया की डिमांड की गई थी, जिसमें अभी तक 1 लाख 213 मीट्रिक टन यूरिया जिले को उपलब्ध हुई थी, जिसमें से 82386 मीट्रिक टन आवंटित की जा चुकी है और 19627 मीट्रिक टन स्टॉक में उपलब्ध है। इसी प्रकार खरीफ सीजन के लिए 30 हजार मीट्रिक टन डीएपी की डिमांड की गई थी, जिसमें से जिले को 24 हजार 276 मीट्रिक टन डीएपी मिल चुकी है। इसमें से 21 हजार 501 मीट्रिक टन आवंटित की जा चुकी है और 2775 मीट्रिक टन स्टॉक में उपलब्ध है। खरीफ सीजन के लिए 10 हजार मीट्रिक टन एनपीके की डिमांड की गई थी, जिसमें से जिले को 3 हजार 624 मीट्रिक टन डीएपी मिल चुकी है। इसमें से 1 हजार 728 मीट्रिक टन आवंटित की जा चुकी है और 1896 मीट्रिक टन स्टॉक में उपलब्ध है।
उन्होंने बताया कि रबी सीजन के लिए हमने 85 हजार मीट्रिक टन यूरिया और 30 हजार मीट्रिक टन डीएपी की डिमांड की थी। दो दिन पहले एक रेक हमें प्राप्त भी हो गया है। उपायुक्त ने किसानों को खाद का विवेकपूर्ण प्रयोग करने के साथ-साथ डीएपी और यूरिया के अलावा प्राकृतिक खाद करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डा से विभिन्न स्थानों के लिए हवाई सेवा आरंभ की जा चुकी है। अभी तक उड़ान स्कीम के तहत लगभग 15 हजार यात्री सफर कर चुके हैं और जल्द ही अहमदाबाद और जम्मू की उड़ानें भी शुरू की जाएंगी। हिसार में औद्योगिक गतिविधियों को और अधिक विस्तार देने के लिए इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किए जाने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के स्थापित होने के बाद यहां व्यवसाय और रोजगार के काफी अवसर उपलब्ध होंगे। इस मौके पर सीएमजीजीए अमोल भी उपस्थित रहे।
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