उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र पाल ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत नोटिस एवं सुनवाई से संबंधित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य मतदाता न छूटे।
उन्होंने बताया कि जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान अब तक कुल 2 लाख 83 हजार 752 नोटिस जनरेट किए गए हैं, जिनमें से करीब 34 हजार मामलों में सुनवाई लंबित है। यह कुल लंबित मामलों का लगभग 12 प्रतिशत है। इन मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने बताया कि 8 अक्टूबर को जिले में लगाए गए विशेष शिविर के दौरान करीब 2 हजार लंबित मामलों की सुनवाई की गई। नोटिस प्राप्त करने वाले मतदाताओं को निर्धारित तिथि पर सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने की अपील की गई है, ताकि उनके मामलों का समयबद्ध निपटारा किया जा सके। उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को लंबित सुनवाई मामलों का शीघ्र निस्तारण करने, प्रभावी मॉनिटरिंग रखने तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त महेंद्र पाल ने बताया कि नोटिस की सुनवाई की प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए 9 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान मतदान केंद्रों पर विशेष शिविर लगाने के साथ-साथ घर-घर सर्वे के दौरान भी आवश्यक दस्तावेज प्राप्त किए जा रहे हैं, जिन मतदाताओं को नोटिस प्राप्त हुए हैं और जिनकी ओर से अभी तक आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करवाए गए हैं, उन्हें दस्तावेज जमा करवाने का अवसर दिया जा रहा है।
उपायुक्त ने सभी पात्र मतदाताओं से अपील करते हुए बताया कि जिन मतदाताओं ने अभी तक अपने आवश्यक दस्तावेज जमा नहीं करवाए हैं, वे इस विशेष अभियान का लाभ उठाते हुए अपने दस्तावेज बूथ लेवल अधिकारी को जमा करवाएं, ताकि उनका नाम आगामी 6 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल हो सके।
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