सिरसा, 09 अक्टूबर- उपायुक्त शांतनु शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों का समाधान तय समय में सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिकायतकर्ताओं को चक्कर न लगाने पड़ें। शिकायत के निपटान के संबंध में शिकायतकर्ता को उसकी वर्तमान स्थिति से अवगत करवाया जाए। साथ ही, यदि किसी प्रकार की अतिरिक्त कार्रवाई की आवश्यकता हो, तो इसकी जानकारी भी शिकायतकर्ता को दी जाए। वे शुक्रवार को लघु सचिवालय में समाधान प्रकोष्ठ के तहत समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा कर रहे थे।
इससे पहले मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक लेते हुए प्रदेशभर में आयोजित समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों और उनके निपटान की समीक्षा की। इसके बाद उपायुक्त शांतनु शर्मा ने जिला स्तर पर आयोजित समाधान शिविरों में प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त ने बताया कि जिला में समाधान शिविर के माध्यम से अब तक कुल 8979 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 6418 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है। 353 शिकायतें लंबित हैं, जबकि 1983 शिकायतें रिजेक्ट हुई हैं और 168 शिकायतें पुनरू खोली गई हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित शिकायतों के निपटारे में तेजी लाई जाए तथा प्रत्येक शिकायत की स्थिति की नियमित समीक्षा की जाए। उपायुक्त ने कहा कि री-ओपन शिकायतों का भी प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। इसके अलावा संबंधित अधिकारी और विभागाध्यक्ष शिकायतों की नियमित निगरानी करें तथा उनके निपटान की प्रगति की समीक्षा करते रहें। यदि किसी शिकायत के समाधान में दो विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता हो, तो दोनों विभाग आपसी तालमेल से कार्रवाई सुनिश्चित करें, ताकि शिकायत का समयबद्ध निपटान हो सके।
उपायुक्त ने कहा कि समाधान शिविरों के माध्यम से आमजन की शिकायतों का प्रभावी और समयबद्ध निपटान करना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे शिकायतों पर यह सुनिश्चित करें कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि हर सोमवार और वीरवार कार्यदिवस में जिला व उपमंडल स्तर पर समाधान शिविरों का आयोजन सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक किया जाता है।
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