सिरसा, 09 अक्टूबर- आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के प्रभावी क्रियान्वयन और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सिरसा में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में आभा आईडी, स्वास्थ्य पेशेवरों की रजिस्ट्री (एचपीआर), स्वास्थ्य संस्थानों की रजिस्ट्री (एचएफआर) और मरीजों के डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
सिविल सर्जन डॉ. पवन कुमार ने बताया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन भारत सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल माध्यम से अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाना है। इसके तहत आभा आईडी के माध्यम से प्रत्येक व्यक्ति की डिजिटल स्वास्थ्य पहचान बनाई जा सकती है। इसके जरिए मरीज अपनी पुरानी मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टर की पर्चियों सहित स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित डॉक्टर के साथ साझा कर सकते हैं। इससे डॉक्टरों को मरीज के पिछले इलाज की जानकारी प्राप्त करने और बेहतर उपचार में सहायता मिलती है।
कार्यशाला में उप सिविल सर्जन डॉ. राजेश चौधरी, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के नोडल अधिकारी डॉ. गोल्डी गुप्ता तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के नोडल अधिकारी डॉ. शीतल उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त शिक्षा एवं कृषि विभाग के अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया। निजी स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए), इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) तथा आयुष क्षेत्र के प्रतिनिधि भी कार्यशाला में शामिल हुए।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता डेटा एनालिस्ट परमिंदर सिंह, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन हरियाणा ने प्रतिभागियों को आभा आईडी बनाने और इसके उपयोग के बारे में जानकारी दी। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाना तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का व्यापक स्तर पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था।
*****