फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति किसानों को किया जा रहा है जागरूक:विश्राम कुमार मीणा
किसानों को सुपर सीडर, हैप्पी सीडर व बेलर कृषि यंत्रों से फसल बिजाई के प्रति किया जा रहा है प्रेरित, फसल अवशेषों को पशु चारे व कम्पोस्ट के लिए भी कर सकते है आदेश, जिला प्रशासन व कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने किसानों से फसल अवशेष प्रबंधन अपनाने की अपील
कुरुक्षेत्र 13 अक्टूबर उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा जिले में फसल अवशेष प्रबंधन के प्रति किसानों को जागरूक करने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही है। किसानों को फसल अवशेषों को खेत में मिलाने, मल्चिंग के रूप में उपयोग करने तथा सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, बेलर एवं अन्य उपयुक्त कृषि यंत्रों की सहायता से अगली फसल की बिजाई करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। धान के अवशेषों का उपयोग पशु चारे, कम्पोस्ट एवं अन्य उपयोगी उत्पादों के लिए भी किया जा सकता है।
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा संबंधित अधिकारियों, कृषि विकास अधिकारियों, ब्लॉक कृषि अधिकारियों तथा अन्य कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे गांवों में किसानों से संपर्क स्थापित कर फसल अवशेष प्रबंधन के उचित तरीकों के बारे में जानकारी दें और खेतों में पराली न जलाने के लिए जागरूक करें। ग्राम स्तर पर निगरानी एवं जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की निगरानी के लिए संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार ड्रोन एवं अन्य निगरानी साधनों का उपयोग किया जा रहा है। वायु गुणवत्ता पर भी निगरानी रखी जा रही है।
उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर लागू सरकारी आदेशों एवं नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे पर्यावरण संरक्षण तथा जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पराली जलाने से बचें और उपलब्ध कृषि यंत्रों एवं सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करें। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि पराली को जलाने के बजाय उसका सदुपयोग करें, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखें और स्वच्छ वातावरण के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। किसान धान की फसल की कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेषों का वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन अपनाएं।
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