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समस्याओं का स्थायी समाधान करने में जिला भिवानी प्रदेश में प्रथम पायदान पर
समाधान शिविर में आने वाली हर समस्या पर जिला प्रशासन उठाता है गंभीरता से कदम: डीसी साहिल गुप्ता
Posted On:
14 Oct 2026 10:02AM
समस्याओं का स्थायी समाधान करने में जिला भिवानी प्रदेश में प्रथम पायदान पर- समाधान शिविर में आने वाली हर समस्या पर जिला प्रशासन उठाता है गंभीरता से कदम: डीसी साहिल गुप्ताभिवानी, 13 अक्टूबर। जिला में डीसी साहिल गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित हो रहे समाधान शिविरों में आने वाली समस्याओं का स्थायी समाधान करने में जिला भिवानी प्रथम पायदान पर है। समस्याओं का समाधान होने के पश्चात चंडीगढ़ मुख्यालय स्तर पर री-ओपन होने वाली शिकायतों का जिला भिवानी का प्रतिशत प्रदेश में सबसे कम है। अधिकारियों पर डीसी की सख्ती का असर यह है कि जिला की दो प्रतिशत शिकायत ही लंबित हैं।उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार प्रदेशभर के साथ-साथ प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को सुबह 10 बजे से 12 बजे तक जिला मुख्यालय और उपमंडल स्तर पर समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। समाधान शिविरों में नागरिक अपनी समस्याएं लेकर आते हैं। शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी बैठते हैं। जिस विभाग से संबंधित समस्या होती है, वह समस्या उस विभाग के अधिकारी को दी जाती है। डीसी द्वारा संबंधित अधिकारी को उस समस्या का तत्परता से समाधान करने के निर्देश दिए जाते हैं।नगराधीश अनिल कुमार ने बताया कि जून 2024 से अब तक समाधान शिविरों में 5345 शिकायतें पहुंची हैं। इनमें केवल 131 शिकायत ही लंबित हैं। संभव होने वाली शिकायतों का समाधान किया गया है। उन्होंने बताया कि सितंबर माह में 128 शिकायतें समाधान शिविरों के माध्यम से आई हैं, जिनमें से 78 का समाधान हो चुका है, शेष पर विभागीय प्रक्रिया जारी है।बॉक्स- डीसी साहिल गुप्ता ने अधिकारियों को दिए हैं सख्त निर्देशसाहिल गुप्ता ने समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई शिकायत दो या दो से अधिक विभागों से संबंधित है तो संबंधित विभागों के प्रतिनिधि समाधान शिविर के दौरान आपसी समन्वय कर समस्या का हल निकालेंगे। प्रत्येक विभाग द्वारा की जाने वाली कार्रवाई निर्धारित की जाए, ताकि शिकायत का समय पर और प्रभावी समाधान हो सके। आवश्यकता पडऩे पर संबंधित विभाग संयुक्त निरीक्षण भी करेंगे और आपसी सहमति से आगे की कार्रवाई करेंगे। डीसी ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक शिकायत पर कार्रवाई रिपोर्ट शिकायत प्राप्त होने की तिथि से अधिकतम 15 से 20 दिनों के भीतर प्रस्तुत की जाए। कोई भी शिकायत अनावश्यक रूप से लंबे समय तक लंबित नहीं रहनी चाहिए। डीसी ने कहा है कि यदि किसी प्रशासनिक, तकनीकी, कानूनी अथवा अन्य वैध कारण से शिकायतकर्ता का कार्य नहीं किया जा सकता है तो संबंधित विभाग को इसके स्पष्ट कारण दर्ज करने होंगे। ऐसी शिकायतों को अनिश्चितकाल तक लंबित ना रखा जाए। डीसी ने स्पष्टï निर्देश दिए हैं कि शिकायतकर्ता को उसकी समस्या पर कार्रवाई एवं अंतिम परिणाम के बारे में विधिवत रूप से जानकारी दी जाए।बॉक्सइस प्रकार की शिकायतें समाधान शिविर से संबंधित नहीं हैंनगराधीश अनिल कुमार ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार मुख्यालय से स्वीकृत होने वाली विकास या डिमांड से संबंधित शिकायतें समाधान शिविर से संबंधित नहीं हैं। इसी प्रकार से सर्विस मैटर, सरकारी कर्मचारियों के तबादले से संबंधित, आरटीआई, किसी प्रकार का सुझाव देना समाधान शिविर से संबंधित शिकायत नहीं है। यहां यह भी बताना जरूरी है कि अक्सर लोग सरकारी योजनाओं का लाभ या राशन कार्ड बनवाने के लिए अपने परिवार की कई-कई फैमिली आईडी बनवा कर आय कम करने से संबंधित शिकायत भी समाधान शिविर में रखते हैं, जिनकी संख्या अधिक होती है, जो कि नियमानुसार हल होने वाली नहीं होती।
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(Release ID: 9132)