नीलोखेड़ी/ करनाल, 15 अक्तूबर। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा संस्थान, नीलोखेड़ी द्वारा प्रोफेसर बी. आर. काम्बोज, कुलपति, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कुशल नेतृत्व व मार्गदर्शन तथा डा. नरेश कौशिक, निदेशक (विस्तार शिक्षा) के दिशा निर्देशन में राष्ट्रीय महिला किसान दिवस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय "विकसित कृषि एवं विकसित भारत के निर्माण में महिला किसानों की भूमिका" रहा। कार्यक्रम में विस्तार शिक्षा संस्थान, नीलोखेड़ी के विज्ञानिकों एवं कर्मचारियों सहित 60 से अधिक महिला किसानों ने भाग लिया। इन सभी महिला किसानों को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित मुख्य कार्यक्रम से ऑनलाइन माध्यम से जोड़ा गया।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आॅनलाईन प्रसारित कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि मंत्रालय के सचिव श्री आतिश चंद्रा ने अपने अध्यक्षीय भाषण में महिला किसानों के योगदान की सराहना करते हुए कृषि क्षेत्र में लैंगिक समानता, सशक्तिकरण और नवाचार को बढ़ावा देने पर बल दिया। वहीं, संयुक्त सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय कृषि की रीढ़ महिला किसान हैं और जब वे आधुनिक तकनीकों व कृषि प्रबंधन से जुड़ती हैं, तो न केवल परिवार की आय बढ़ती है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलती है।
विस्तार शिक्षा संस्थान, नीलोखेड़ी के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. विजय पाल यादव ने उपस्थित महिला किसानों को संबोधित करते हुए कहा, की इस बार महिला किसान दिवस 2026 का विषय “विकसित कृषि व विकसित भारत के निर्माण में महिला किसानों की भूमिका” था । यह विषय आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, फसल विविधीकरण, पशुधन प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और कृषि-आधारित उद्यमों के विकास के माध्यम से विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने में महिलाओं के नेतृत्व को दर्शाता है। वर्तमान में महिला किसान कृषि को अधिक उत्पादक, टिकाऊ और आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान दे रही हैं। इस विशेष दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही महिला किसानों को सम्मानित करना तथा अन्य महिलाओं को कृषि क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने महिला किसानों से आह्वान किया कि वे पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नई वैज्ञानिक कृषि तकनीकों, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा आधुनिक प्रबंधन विधियों को अपनाएं, जिससे कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभप्रद बनाया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र की 5 प्रगतिशील महिला किसानों सीता देवी, गीता देवी, राममूर्ति, लीना देवी व उषा रानी को उनके उत्कृष्ट एवं प्रेरणादायी कार्यों के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। सम्मानित महिला किसानों ने मंच से अपने अनुभव और सफलता की कहानियां उपस्थित सभी महिलाओं के साथ साझा की, जिससे अन्य महिला किसान भी प्रेरित हुईं।
डा. यादव द्वारा कार्यक्रम में आई महिला किसानों व उनके परिवारों की स्वास्थ्य एवं पोषण सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गृह पोषण वाटिका लगाने के लिए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित सब्जियों के बीजों के पैकेट दिए गए । डॉ. विजय पाल यादव ने बताया कि इन बीजों की सहायता से महिलाएं अपने घरों में पोषण वाटिका विकसित कर सकेंगी, जिससे न केवल परिवार को ताजी एवं रसायन मुक्त सब्जियां मिलेंगी, बल्कि देश की पोषण सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान हरियाणा विज्ञान मंच के सदस्य डॉ. राजेंद्र सिंह , सेवा-निवृत्त कृषि विस्तार अधिकारी तथा ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक श्री सतीश कुमार भी उपस्थित रहे तथा अपने विशेष व्याख्यान भी प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के मंच संचालन की भूमिका डॉ. जसविंदर कौर ने निभाई। डॉ. अनिल कुमार रोहिल्ला ने कार्यक्रम में पधारीं सभी महिला किसानों, वैज्ञानिकों एवं अतिथियों का धन्यवाद किया।
कार्यक्रम के आयोजन में डा. सत्यकाम मलिक, डा. सुख राम वर्मा, डा. अजय कुमार, वनीत, मदनपाल , वीना, कविता, जगमाल, परवीन कुमार व अंकित कांबोज का भी सहयोग रहा ।
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