*लक्ष्य हासिल करने के लिए मैदान में उतरना जरूरी, जीत-हार से निराश न हों खिलाड़ी : राव नरबीर सिंह*
Posted On:
16 Oct 2026 3:49PM
*लक्ष्य हासिल करने के लिए मैदान में उतरना जरूरी, जीत-हार से निराश न हों खिलाड़ी : राव नरबीर सिंह*
*राव महाबीर सिंह मेमोरियल राष्ट्रीय फुटबॉल चैंपियनशिप में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री ने बतौर मुख्यातिथि की शिरकत, खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन*
*राव ने कहा, विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं की भूमिका अहम, खेल, स्वास्थ्य, पर्यावरण और तकनीक में आगे बढ़ना जरूरी*
गुरुग्राम, 16 अक्टूबर।
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि जीवन में निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मैदान में उतरना जरूरी है, चाहे वह खेल का मैदान हो या संघर्ष का। सफलता की राह पर चलने के लिए प्रयास करना और चुनौतियों का सामना करना पहली शर्त है। जीतने वालों को बधाई मिलती है, लेकिन किसी कारणवश लक्ष्य हासिल न कर पाने वालों को भी निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि हर प्रयास आगे बढ़ने का नया अवसर देता है।
कैबिनेट मंत्री शुक्रवार को स्मॉल साइड हरियाणा फुटबॉल एसोसिएशन की ओर से आयोजित राव महाबीर सिंह मेमोरियल स्मॉल साइड इनविटेशनल नेशनल फुटबॉल चैंपियनशिप में बतौर मुख्यातिथि खिलाड़ियों को संबोधित कर रहे थे। यह प्रतियोगिता प्राइम स्कॉलर्स इंटरनेशनल स्कूल में 16 से 18 अक्टूबर तक आयोजित की जा रही है, जिसमें अंडर-14 और अंडर-17 आयु वर्ग के बालक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा की आबादी देश की कुल आबादी का लगभग दो प्रतिशत है, लेकिन खेलों की बात करें तो प्रदेश के खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियाई खेलों, पैरालंपिक और ओलंपिक जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में देश का नाम रोशन करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण के कारण हरियाणा ने खेलों के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
राव ने कहा कि 21वीं सदी में भारत को किस दिशा और दशा में आगे ले जाना है, यह आज की युवा पीढ़ी तय करेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक, यानी देश की आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक, भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का अर्थ केवल आर्थिक विकास या अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ना नहीं है, बल्कि खेल, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक व्यवहार, विज्ञान और तकनीक सहित हर क्षेत्र में प्रगति करना है।
उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवा पीढ़ी को अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करना होगा। हमारे पूर्वजों ने भारत के विश्वगुरु होने की गौरवशाली परंपरा के बारे में बताया है। देश को फिर से इस स्थान तक पहुंचाने के लिए शिक्षा, नवाचार, तकनीकी विकास और प्रत्येक क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेलों के साथ-साथ शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी क्षेत्र में भी आगे बढ़ें तथा देश की प्रगति में अपना योगदान दें।
*प्रदूषण नियंत्रण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी*
पर्यावरण संरक्षण का उल्लेख करते हुए राव नरबीर सिंह ने कहा कि दशहरा और दिवाली के आसपास राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, विशेषकर गुरुग्राम में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। प्रदूषण की स्थिति के कारण सरकार को विभिन्न गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदम उठाने पड़ते हैं। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों, युवाओं और संस्थाओं को भी अपनी महती भूमिका निभानी चाहिए।
*****
(Release ID: 9381)