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सोशल मीडिया पर प्रसारित धान खरीद संबंधी खबर पर प्रशासन ने तुरंत लिया संज्ञान, किसान की धान एमएसपी पर खरीदी गई

- पंजीकरण सत्यापन लंबित होने के कारण गेट पास जारी करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी, सत्यापन पूरा होने के बाद नियमानुसार की गई कार्रवाई

Posted On: 16 Oct 2026 5:28PM

 सोशल मीडिया पर प्रसारित धान खरीद संबंधी खबर पर प्रशासन ने तुरंत लिया संज्ञान, किसान की धान एमएसपी पर खरीदी गई
- पंजीकरण सत्यापन लंबित होने के कारण गेट पास जारी करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी, सत्यापन पूरा होने के बाद नियमानुसार की गई कार्रवाई
जींद, 16 अक्टूबर।
      जींद की नई अनाज मंडी में धान की खरीद से संबंधित सोशल मीडिया पर प्रसारित खबर के मामले में जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) राजेश आर्य ने तुरंत संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद मार्केट कमेटी द्वारा आवश्यक तथ्यों की जांच की गई और संबंधित किसान की धान की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी गई।
डीएफएससी राजेश आर्य को सोशल मीडिया पर प्रसारित खबर की जानकारी मिलते ही उन्होंने मार्केट कमेटी के सचिव को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मार्केट कमेटी के सचिव संजीव ने बताया कि गांव रधाना निवासी शमशेर के नाम पर धान की बिक्री के लिए पंजीकरण दर्ज नहीं था, जबकि उनके पुत्र मोहित के नाम पर मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण दर्ज था। संबंधित पंजीकरण का विशेष सत्यापन लंबित होने के कारण गेट पास जारी करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी। इस बारे में संबंधित परिवार को जानकारी दी गई थी। उन्होंने बताया कि किसान के पुत्र मोहित द्वारा आज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करवाई गई। पोर्टल पर संबंधित विवरण अपडेट होने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई की गई तथा गांव रधाना निवासी शमशेर के भाई सुशील उर्फ शीलू की मौजूदगी में धान की फसल एमएसपी पर खरीदी गई।

-प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से संतुष्ट है किसान का परिवार
गांव रधाना निवासी सुशील उर्फ शीलू ने बताया कि उनके बड़े भाई शमशेर पिछले दिनों धान की फसल लेकर जींद अनाज मंडी पहुंचे थे। इस दौरान धान की बिक्री नहीं होने को लेकर उनके भाई ने सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित की थी, जिस पर अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बड़े भाई शमशेर के नाम पर मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण नहीं था, बल्कि पंजीकरण उनके पुत्र मोहित के नाम पर था। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने उनके भतीजे मोहित को बुलाकर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करवाई और आवश्यक कार्रवाई की। इसके बाद मौके पर ही गेट पास जारी करवाकर धान की फसल एमएसपी पर खरीद ली गई। सुशील उर्फ शीलू ने प्रशासन की कार्रवाई पर संतुष्टि व्यक्त करते हुए कहा कि अधिकारियों ने मामले में तत्परता दिखाते हुए समस्या का समाधान किया है। उन्होंने कहा कि यदि उनके भाई से किसी प्रकार की अनजाने में गलती हुई है तो वह इसके लिए क्षमा चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से उनका परिवार संतुष्ट है।

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(Release ID: 9488)