रोहतक, 17 अक्टूबर। हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने रोहतक स्थित अर्पण बौद्धिक बाल संस्थान एवं श्रवण मानसिक विकलांग वयस्क केंद्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, प्रशिक्षण व्यवस्थाओं तथा विशेष जरूरतों वाले बच्चों एवं वयस्कों को दी जा रही सेवाओं का निरीक्षण किया। उनके साथ विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी. अनुपमा तथा निदेशक मुकुल कुमार भी उपस्थित रहे।
संस्थान पहुंचने पर अर्पण संस्थान की प्रभारी श्रीमती नीलम कटारिया, जिला कल्याण अधिकारी श्रीमती रेणु सिसोदिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी महाबीर गोदारा तथा कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. सुमन मदान ने मुख्य अतिथि एवं अधिकारियों का स्वागत किया। इस अवसर पर विशेष बच्चों ज्योति, रूमन, नूर और विन्नी ने गुलदस्ते भेंट कर तथा तिलक लगाकर अतिथियों का अभिनंदन किया। दौरे के दौरान श्रीमती नीलम कटारिया ने अर्पण संस्थान तथा डिम्पल मेहतानी ने श्रवण संस्थान की विभिन्न गतिविधियों और व्यवस्थाओं से अतिथियों को अवगत करवाया।
मंत्री कृष्ण कुमार बेदी एवं अधिकारियों ने संस्थानों के सभी क्लासरूम, फिजियोथेरेपी यूनिट और वोकेशनल लैब का निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी गतिविधियों एवं प्रशिक्षण के बारे में जानकारी ली। बच्चों द्वारा तैयार की गई सुंदर ड्राइंग और आकर्षक कार्ड देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की तथा उनकी रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की। संस्थानों में वोकेशनल ट्रेनिंग के तहत विशेष जरूरतों वाले बच्चों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों का अवलोकन करते हुए मंत्री ने उनके हुनर और मेहनत की सराहना की। बच्चों ने डोना, दीये, मोमबत्तियां, वाइपर, फुटवियर, प्रिंटिंग से संबंधित सामग्री, टी-शर्ट, बोतलें सहित अनेक उपयोगी उत्पाद तैयार किए हैं।
मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने आमजन से अपील की कि वे इन संस्थानों में तैयार किए गए उत्पादों को खरीदकर विशेष बच्चों का उत्साहवर्धन करें। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें व्यावसायिक कौशल विकसित करने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने संस्थानों में हो रही प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और वहां कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि टेकओवर के बाद संस्थानों की व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है। सरकार का प्रयास है कि विशेष जरूरतों वाले बच्चों एवं वयस्कों को आवश्यक सुविधाएं, बेहतर देखभाल, प्रशिक्षण तथा अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएं।
उन्होंने कहा कि इन संस्थानों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे, ताकि यहां रहने वाले बच्चों एवं वयस्कों को अनुकूल वातावरण में सीखने, अपनी क्षमताओं को विकसित करने और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने के बेहतर अवसर मिल सकें। इस अवसर पर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों एवं संस्थानों के कर्मचारियों ने भी व्यवस्थाओं और प्रशिक्षण गतिविधियों से संबंधित जानकारी साझा की।
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