कुरुक्षेत्र, 18 अक्टूबर। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग हरियाणा चंडीगढ़ के उप निदेशक निशांत राठी ने कहा कि हरियाणा सरकार किसान हितैषी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्पष्ट निर्देश हैं कि मंडियों में किसान को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
उप निदेशक निशांत राठी ने कुरुक्षेत्र जिले की प्रमुख पिपली अनाज मंडी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मंडी में चल रही धान की खरीद, नीलामी, उठान, बारदाना व्यवस्था और किसानों की सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। उप निदेशक ने सबसे पहले मंडी में धान की आवक वाले शेडों का दौरा किया। उन्होंने खरीद एजेंसियों द्वारा लगाई जा रही ढेरियों का निरीक्षण किया। उन्होंने मॉइस्चर मीटर से नमी की जांच प्रक्रिया देखी है। उन्होंने कहा कि 17 प्रतिशत तक नमी वाली धान की खरीद नियमानुसार की जाए और किसानों को अपनी फसल सुखाकर लाने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की हर एक-एक दाने की खरीद एमएसपी पर सुनिश्चित हो, लेकिन गुणवत्ता मानकों से समझौता नहीं किया जा सकता।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने लिफ्टिंग कार्य की समीक्षा की। उन्होंने ट्रकों में लोड हो रहे धान के गेट पास, धर्म कांटा पर्चियों और स्टॉक रजिस्टर का मिलान किया। पिपली मंडी में अब तक की कुल आवक, खरीद और उठान के आंकड़े देखकर उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र जिला पूरे प्रदेश में खरीद के मामले में अग्रणी रहा है और इस बार भी लगभग 74-75 प्रतिशत आवक पूरी हो चुकी है, जो बेहतर प्रबंधन का परिणाम है।
उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि उठान कार्य में और तेजी लाई जाए ताकि मंडियों में धान का जमाव न हो और किसानों को नई आवक के लिए जगह मिलती रहे। उन्होंने कहा कि लिफ्टिंग में देरी होने पर मंडी में अव्यवस्था फैलती है, इसलिए एजेंसियां और ट्रांसपोर्टर आपसी तालमेल से 24 घंटे उठान जारी रखें।
उप निदेशक निशांत राठी ने कहा कि सभी आढ़तियों को समय पर फार्म-जे, फार्म-आई और गेट पास जारी करने के निर्देश दिए जाएं और भुगतान की प्रक्रिया को भी तेज किया जाए, ताकि किसानों को 48 से 72 घंटे के अंदर भुगतान मिल सके।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी अशोक रोहिल्ला, इंस्पेक्टर फूड संदीप तथा खाद्य एवं पूर्ति विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी मौजूद रहे।
*****