पलवल में तीन दिवसीय बाल दिवस समारोह का हुआ रंगारंग आगाज
- एसडीएम भूपेंद्र सिंह ने किया बाल दिवस समारोह का शुभारंभ
- जिला बाल कल्याण परिषद बच्चों की प्रतिभा को दे रही मंच : एसडीएम भूपेंद्र सिंह
- बच्चों ने नृत्य, गायन और कला प्रतियोगिताओं में बिखेरे कला के रंग
Posted On:
21 Oct 2026 4:51PM
पलवल, 21 अक्टूबर।
बच्चों की प्रतिभाओं को पहचानने, उन्हें निखारने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर देने के उद्देश्य से जिला बाल कल्याण परिषद की ओर से बुधवार को ब्राह्मण धर्मशाला में उपायुक्त जयेंद्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में तीन दिवसीय जिला स्तरीय बाल दिवस समारोह का भव्य आगाज किया गया। समारोह का शुभारंभ एसडीएम भूपेंद्र सिंह और सीटीएम प्रीति रावत ने रिबन काटकर और दीप प्रज्वलित करके किया। समारोह में बच्चों की कलात्मक प्रस्तुतियों ने ऐसा रंग जमाया कि पूरा माहौल उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो गया। मंच पर बच्चों की प्रस्तुतियों में कहीं नृत्य की लय दिखाई दी तो कहीं गायन और कला के माध्यम से उनकी रचनात्मकता उभरकर सामने आई। प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को प्रभावित किया और खूब सराहना बटोरी।
बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर देना जरूरी : एसडीएम
एसडीएम भूपेंद्र सिंह ने कहा कि बच्चों में असीम प्रतिभा होती है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच और प्रोत्साहन मिले। उन्होंने कहा कि जिला बाल कल्याण परिषद बच्चों की प्रतिभाओं को निखारने और उनके सर्वांगीण विकास की दिशा में सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने समारोह में बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
एसडीएम ने कहा कि तीन दिवसीय समारोह के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कि उचित मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और मंच मिलने पर बच्चे अपनी रचनात्मक क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि परिषद का मुख्य उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, सांस्कृतिक चेतना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना है। ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने के साथ-साथ दूसरों से सीखने और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करते हैं।
चार आयु वर्गों में बांटे गए विद्यार्थी
जिला बाल कल्याण अधिकारी पिंकी मोर ने बताया कि प्रतियोगिताओं में अधिक से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए उन्हें चार आयु वर्गों में विभाजित किया गया है। प्रथम वर्ग में पांचवीं कक्षा तक, द्वितीय वर्ग में छठी से आठवीं, तृतीय वर्ग में नौवीं से दसवीं तथा चतुर्थ वर्ग में 11वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी शामिल हैं। चतुर्थ वर्ग के विद्यार्थियों के लिए केवल समूह नृत्य प्रतियोगिता में भाग लेने का प्रावधान रखा गया है।
पहले दिन प्रतिभाओं ने दिखाया हुनर
जिला स्तरीय बाल दिवस समारोह के पहले दिन समूह नृत्य, एकल नृत्य, क्ले मॉडलिंग, देशभक्ति समूहगान, पोस्टर मेकिंग, फैंसी ड्रेस, कार्ड मेकिंग और एकल गायन सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी कला, कल्पनाशीलता और सांस्कृतिक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
22 अक्टूबर की प्रतियोगिताएं
प्रतियोगिता ग्रुप
ऑन द स्पॉट स्केचिंग द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ ग्रुप
ग्रुप डांस प्रथम व द्वितीय ग्रुप
डिक्लेमेशन कॉन्टेस्ट तृतीय व चतुर्थ ग्रुप
क्विज प्रतियोगिता द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ ग्रुप
एकांकी/प्ले/थिएटर चतुर्थ ग्रुप
हैंडराइटिंग (अंग्रेजी/हिंदी) प्रथम व द्वितीय ग्रुप
डिक्लेमेशन के लिए 3 से 5 मिनट, जबकि एकांकी/प्ले/थिएटर के लिए 15 से 20 मिनट का समय निर्धारित किया गया है।
23 अक्टूबर की प्रतियोगिताएं
प्रतियोगिता ग्रुप
बेस्ट ड्रामेबाज प्रथम व द्वितीय ग्रुप
दीया/कैंडल डेकोरेशन द्वितीय ग्रुप
ग्रुप डांस तृतीय ग्रुप
थाली पूजन/कलश डेकोरेशन तृतीय व चतुर्थ ग्रुप
फन गेम्स—बाल तृतीय ग्रुप
फन गेम्स—बालिका तृतीय ग्रुप
सोलो डांस द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ ग्रुप
सोलो क्लासिकल द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ ग्रुप
रंगोली तृतीय व चतुर्थ ग्रुप
हरियाणवी रागनी (सोलो) तृतीय व चतुर्थ ग्रुप
सोलो सॉन्ग द्वितीय, तृतीय व चतुर्थ ग्रुप
मेहंदी तृतीय व चतुर्थ ग्रुप
14 नवंबर को विजेता प्रतिभागियों को किया जाएगा पुरस्कृत
जिला बाल कल्याण परिषद द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता रहने वाले बच्चों को 14 नवंबर 2026 को बाल दिवस के अवसर पर उपायुक्त एवं जिला बाल कल्याण परिषद के अध्यक्ष डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर द्वारा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिषद का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, सांस्कृतिक चेतना एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में मंच संचालन डा. संपत सिंह ने किया। निर्णायक मंडल में डा. मोनिका, सुनीता कुमारी, सुमित कुमार और श्वेता शर्मा शामिल रहे। इस अवसर पर रामेश्वर रावत, सुरजीत, डा. महेश, कृष्णा, मीनाक्षी, उर्वशी, हेमलता, पूनम सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
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(Release ID: 9691)