रोहतक, 22 अक्टूबर। फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) के तहत पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से सांपला की उपमंडलाधीश अंकिता पुवार ने गांव स्तर पर गठित टीमों के साथ बैठक की। बैठक में गांवों के सरपंचों, पटवारियों, ग्राम सचिवों तथा कृषि विभाग के कर्मचारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, पराली जलाने की संभावित घटनाओं की समय रहते पहचान करना तथा ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा।
अंकिता पुवार ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निगरानी रखें और किसानों को फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने के लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है तथा वायु गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही मिट्टी की उर्वरता को भी नुकसान पहुंचता है। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर गठित टीमें आपसी तालमेल के साथ कार्य करें और किसानों को पराली न जलाने के लिए प्रेरित करें। कृषि विभाग के कर्मचारी किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों तथा उपलब्ध कृषि यंत्रों के माध्यम से पराली का उचित निस्तारण करने के बारे में जानकारी दें।
उपमंडलाधीश अंकिता पुवार ने निर्देश दिए कि पराली जलाने की किसी भी संभावित घटना की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करें। इस संबंध में सभी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं तथा सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, कृषि विभाग के कर्मचारियों और किसानों का सामूहिक सहयोग आवश्यक है। सभी संबंधित टीमें समन्वित प्रयासों के माध्यम से जिले को पराली जलाने की घटनाओं से मुक्त रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
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