खाद की कालाबाजारी और अवैध टैगिंग पर लगेगी रोक
-उपमंडल स्तर पर गठित होंगी निगरानी समितियां : उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर
-किसानों को निर्धारित दरों पर खाद उपलब्ध करवाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता
-नियमों का उल्लंघन करने वालों पर होगी कार्रवाई
Posted On:
22 Oct 2026 7:19PM
पलवल, 22 अक्टूबर। किसानों को उर्वरकों (खाद) की समय पर एवं पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी, निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूलने और अन्य कृषि उत्पादों के साथ जबरन टैगिंग जैसी अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला पलवल में उपमंडल स्तर पर उर्वरक निगरानी समितियों के गठन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के निर्देशानुसार प्रस्तावित समितियां जिले के तीनों उपमंडलों पलवल, होडल व हथीन में खाद की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था पर निगरानी रखेंगी।
उपमंडल अधिकारी (नागरिक) की अध्यक्षता में कार्य करेंगी समितियां
उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के निर्देशानुसार प्रत्येक उपमंडल में संबंधित उपमंडल अधिकारी (नागरिक) की अध्यक्षता में निगरानी समिति गठित की जाएगी। समिति में संबंधित उपमंडल कृषि अधिकारी (एसडीएओ), गुणवत्ता नियंत्रण निरीक्षक (क्यूसीआई) तथा संबंधित खंडों के कृषि अधिकारी शामिल होंगे। इन समितियों का उद्देश्य खाद वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाना और किसानों को खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी से बचाना है।
खाद विक्रेताओं और वितरण केंद्रों का होगा नियमित निरीक्षण
निगरानी समितियों द्वारा खाद विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं एवं वितरण केंद्रों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान खाद के स्टॉक रजिस्टर, बिक्री रिकॉर्ड, बिल तथा अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी, ताकि खाद की उपलब्धता एवं बिक्री में पारदर्शिता बनी रहे। खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी, अधिक मूल्य वसूली, अनधिकृत बिक्री और खाद के अवैध डायवर्जन के मामलों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
खाद के साथ अन्य उत्पाद खरीदने के लिए किसानों को नहीं किया जा सकेगा बाध्य
समितियां यह भी सुनिश्चित करेंगी कि किसी भी किसान को खाद के साथ कीटनाशक, बीज अथवा अन्य कृषि उत्पाद खरीदने के लिए बाध्य न किया जाए। खाद की अवैध टैगिंग एवं अनियमित बिक्री पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध हो सकें।
किसानों की शिकायतों पर होगी कार्रवाई, नियमित रिपोर्टिंग भी अनिवार्य
निगरानी समितियां खाद की उपलब्धता, मांग एवं वितरण की नियमित समीक्षा करेंगी। इसके साथ ही वास्तविक किसानों तक खाद की पहुंच सुनिश्चित करने, किसानों की शिकायतों पर कार्रवाई करने तथा निरीक्षण एवं वितरण व्यवस्था से संबंधित रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी भी निभाएंगी। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर प्रचलित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। समितियों द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट एवं की गई कार्रवाई का विवरण उपायुक्त कार्यालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
किसान हितों की रक्षा के लिए प्रभावी निगरानी पर जोर
संबंधित उपमंडल अधिकारी (नागरिक) समितियों के सदस्यों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाएंगे। जिला प्रशासन का उद्देश्य जिले के किसानों को निर्धारित दरों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध करवाना तथा खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी, सुचारू एवं किसान हितैषी बनाना है, ताकि किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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(Release ID: 9762)