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हथीन में बंदरों के आतंक से निपटने के लिए जिला प्रशासन सख्त : उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर

- 24 घंटों में विशेष टीमें तैनात करने के निर्देश

- एसडीएम की अध्यक्षता में बनेगी संयुक्त टीम

- स्कूलों की सुरक्षा और अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश

- रोजाना शाम 5 बजे तक देनी होगी कार्रवाई की रिपोर्ट

Posted On: 22 Oct 2026 4:46PM
पलवल, 22 अक्टूबर।
जिला के उपमंडल हथीन और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बंदरों के बढ़ते आतंक तथा लोगों पर हमलों की घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं। उपायुक्त एवं जिला मैजिस्ट्रेट डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर की ओर से जारी निर्देशों के तहत हथीन के एसडीएम को वन विभाग, नगर पालिका, विकास एवं पंचायत विभाग, पुलिस, पशुपालन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जिला वन विभाग को 24 घंटे के भीतर बंदरों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।

उपायुक्त एवं जिला मैजिस्ट्रेट डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने स्पष्ट किया है कि बंदरों के हमलों से आमजन, विशेषकर स्कूली बच्चों और अन्य संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है। ऐसे में संबंधित विभाग आपसी समन्वय से तत्काल कार्रवाई करें और लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करें।

बंदरों को पकड़ने के लिए अपनाई जाएगी मानवीय प्रक्रिया
उपायुक्त एवं जिला मैजिस्ट्रेट डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, वन विभाग बंदरों को पकड़ने के लिए प्रशिक्षित टीमों की तैनाती करेगा। यह कार्रवाई मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक की अनुमति तथा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के प्रावधानों के अनुरूप की जाएगी। बंदरों को पकड़ने और सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के दौरान मानवीय तरीकों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, हथीन के एसडीएम को बंदरों से संबंधित शिकायतें प्राप्त करने और उनकी निगरानी के लिए एक विशेष हेल्पलाइन स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शिकायत मिलने पर संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई कर सकें।

स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला शिक्षा अधिकारी और हथीन क्षेत्र के सभी स्कूल प्रमुखों को विद्यालय परिसरों के प्रवेश द्वार सुरक्षित रखने, संवेदनशील स्थानों पर खुले में विद्यार्थियों की सभाओं को सीमित करने तथा सुरक्षा के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी स्कूलों को एक साथ बंद करने के बजाय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा। यदि किसी विद्यालय या क्षेत्र में बंदरों के हमले का तत्काल और वास्तविक खतरा सामने आता है, तो एसडीएम हथीन जिला शिक्षा अधिकारी और स्थानीय पुलिस से परामर्श कर अस्थायी रूप से स्कूल की शिफ्ट में बदलाव या संबंधित शैक्षणिक गतिविधियों को स्थगित करने का निर्णय ले सकते हैं।

नगर पालिका हथीन और ग्राम पंचायतों को भी सौंपी जिम्मेदारी
शहरी क्षेत्र में नगर पालिका हथीन को सार्वजनिक स्थानों पर बंदरों के आतंक को नियंत्रित करने तथा वन्यजीवों को आकर्षित करने वाले कूड़े के ढेरों को तत्काल हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर बंदरों को भोजन खिलाने पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है।
वहीं, हथीन के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को आवश्यकतानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में पशु बाड़े या सुरक्षित अस्थायी प्रबंधन की व्यवस्था की निगरानी करने को कहा गया है।

नगर पालिका, पंचायत विभाग और जिला सूचना अधिकारी संयुक्त रूप से जन-जागरूकता अभियान चलाएंगे। इसके तहत लोगों को बंदरों को उकसाने से बचने, सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा काटने की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता लेने के बारे में जागरूक किया जाएगा।

पुलिस सुरक्षा और अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
बंदरों को पकड़ने के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने, लोगों को अभियान में अनावश्यक हस्तक्षेप से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, हथीन के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी को एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) और चोटों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने तथा बंदरों के काटने से घायल होने वाले लोगों का प्रतिदिन रिकॉर्ड रखने को कहा गया है।

रोजाना शाम 5 बजे तक देनी होगी कार्रवाई की रिपोर्ट
निर्देशों के अनुसार, एसडीएम हथीन प्रतिदिन समीक्षा बैठक करेंगे और बंदरों से संबंधित शिकायतों, पकड़े गए बंदरों, हमलों में घायल लोगों तथा संसाधनों की कमी से जुड़ी जानकारी सहित प्रगति रिपोर्ट प्रतिदिन शाम 5 बजे तक उपायुक्त कार्यालय को भेजेंगे। जिला प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशों की गंभीरता से पालना करने को कहा है। कार्रवाई में लापरवाही, अनावश्यक देरी या निर्देशों की अवहेलना करने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
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(Release ID: 9766)