सूरजकुंड दिवाली मेले में बिखरेगी भारतीय संस्कृति और शिल्पकला की छटा, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 23 अक्टूबर करेंगे उद्घाटन
- चार दिन तक उत्सव, खरीदारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रहेगी धूम
300 स्टॉलों पर देशभर के हस्तशिल्प व दिवाली से जुड़े उत्पाद होंगे उपलब्ध : उपायुक्त
26 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की उपस्थिति में होगा समापन, सूफी गायक कंवर ग्रेवाल की प्रस्तुति बढ़ाएगी समारोह की रौनक
Posted On:
22 Oct 2026 4:42PM
पलवल, 22 अक्टूबर।
फरीदाबाद के सूरजकुंड मेला परिसर में दिवाली के उल्लास के साथ भारतीय कला, संस्कृति और हस्तशिल्प की रंगीन छटा देखने को मिलेगी। हरियाणा पर्यटन निगम की ओर से यहां 23 से 26 अक्टूबर तक तीसरे सूरजकुंड दिवाली मेले का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी मेले का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डा. अरविंद शर्मा कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। वहीं, 26 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल की गरिमामयी उपस्थिति में मेले का समापन होगा।
उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि हरियाणा पर्यटन निगम की ओर से दिवाली मेले को लोगों के लिए खरीदारी, मनोरंजन और सांस्कृतिक अनुभव का विशेष अवसर बनाने के उद्देश्य से व्यापक तैयारियां की गई हैं। मेले में करीब 300 स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां देश के विभिन्न हिस्सों के कारीगर अपने हस्तनिर्मित उत्पादों, पारंपरिक कलाकृतियों, हथकरघा वस्त्रों और घर की सजावट से जुड़ी वस्तुओं का प्रदर्शन एवं बिक्री करेंगे। दिवाली के लिए विशेष खरीदारी करने वाले लोगों को यहां एक ही स्थान पर विविध उत्पाद उपलब्ध होंगे।
उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि सूरजकुंड मेला परिसर लंबे समय से पारंपरिक कला और शिल्प को प्रोत्साहन देने का प्रमुख मंच रहा है। दिवाली मेले के जरिए इस विरासत को आमजन तक पहुंचाने के साथ शिल्पकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने और सीधे ग्राहकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे पारंपरिक कला को बढ़ावा देने और स्थानीय एवं अन्य क्षेत्रों के कारीगरों के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
लोक संगीत और सूफियाना सुरों से सजेगी शाम
उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि मेले में सांस्कृतिक गतिविधियां भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। प्रसिद्ध सूफी गायक कंवर ग्रेवाल अपनी प्रस्तुति से सांस्कृतिक संध्या में रंग भरेंगे। इसके अलावा लोक कलाकारों और पारंपरिक नृत्य दलों की प्रस्तुतियों के माध्यम से देश की विविध लोक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। संगीत और नृत्य के ये कार्यक्रम मेले में आने वाले लोगों को भारतीय संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्रदान करेंगे।
खानपान से लेकर परिवार के मनोरंजन तक विशेष इंतजाम
मेले में खरीदारी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ खानपान का भी खास प्रबंध रहेगा। फूड कोर्ट में विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों और लोकप्रिय खाद्य पदार्थों का आनंद लिया जा सकेगा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी आयु वर्ग के लोगों को ध्यान में रखते हुए मेले को उत्सवपूर्ण माहौल देने की तैयारी की गई है। यहां आने वाले परिवार दिवाली से पहले खरीदारी के साथ संगीत, स्वाद और मनोरंजन का आनंद उठा सकेंगे।
चार दिन के उत्सव का 26 अक्टूबर को होगा समापन
उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि 23 अक्टूबर से शुरू होने वाला यह मेला 26 अक्टूबर तक चलेगा। समापन समारोह में केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल शामिल होंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे परिवार सहित सूरजकुंड पहुंचकर इस आयोजन का हिस्सा बनें और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, हस्तशिल्प तथा लोक कलाओं का आनंद लें।
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