करनाल, 22 अक्तूबर। मंडलायुक्त हेमा शर्मा ने आज यहां लघु सचिवालय के सभागार में प्रशासन के जिलाधिकारियों की बैठक ली और एसआईआर, प्रदूषण तथा राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा की तथा उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने मंडलायुक्त के आगमन पर स्वागत किया और बैठक के एजेंडे क्रमवार मंडलायुक्त को समक्ष रखे।
बैठक में मंडलायुक्त ने समीक्षा के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विभाग से संबंधित कार्यों को तेज गति से पूरा करें। किसी भी कार्य में लापरवाही न बरतें। प्रत्येक कार्य की गंभीरता को समझें और उसे समय पर पूरा करें। इससे न केवल विकास कार्य तेज गति से पूरे होते हैं, बल्कि प्रशासन व सरकार के प्रति जनता का विश्वास भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि हर कार्य में करनाल जिला की प्रदेश में रैंकिंग प्रथम स्थान पर रहे, इसके लिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें और ईमानदारी से अपनी ड्यूटी निभाएं। उन्होंने यह भी कहा कि समाधान शिविर, सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों को भी प्राथमिकता दें, शिकायतकर्ता की बात सुनें, समझें और उसका समाधान करें। शिकायतों को लंबित न रखें, बेवजह किसी के आवेदन को रद्द न करें बल्कि पात्र व्यक्ति तक सरकार की योजना का लाभ पहुंचाएं।
बॉक्स: कोई भी पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे: हेमा शर्मा
मंडल आयुक्त हेमा शर्मा ने एसआईआर के कार्य की समीक्षा की और सभी ईआरओ को निर्देश दिए कि जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, उनकी सुनवाई स्वयं करें, किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। एसआईआर का कार्य एक महत्वपूर्ण कार्य है, सभी इसकी गंभीरता को समझें, कार्य में कमी नजर न आए, 28 अक्तूबर से पहले सभी दावे एवं आपत्तियों का निपटारा किया जाए, किसी भी दावे एवं आपत्ति को लंबित न रखें, क्योंकि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 6 नवंबर को करवाया जाएगा।
बॉक्स: पराली जलाने की घटनाओं पर शत-प्रतिशत लगे रोक: मंडल आयुक्त
मंडल आयुक्त हेमा शर्मा ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रदूषण की रोकथाम को लेकर अपने-अपने क्षेत्र में नियमित रूप से निरीक्षण करें और औद्योगिक इकाईयों से नियमों की पालना करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने जिला में स्थापित एसटीपी की स्थिति की भी रिपोर्ट ली और कहा कि सभी चालू हालत में होने चाहिए। इसके अलावा नए निर्माणाधीन एसटीपी के कार्य को भी जल्द पूरा करवाएं ताकि गंदे पानी को शुद्घ करके ही उसका सही इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी को निर्देश दिए कि वे उपमंडल स्तर पर गठित टीम में शामिल विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारियों का सहयोग लें और समस्या का समाधान करें। उन्होंने पराली जलाने की घटना की स्थिति की रिपोर्ट भी ली। इस पर उपायुक्त ने अवगत कराया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष काफी रोकथाम हुई है और प्रशासन निरंतर नजर बनाए हुए है। पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम को लेकर गांव स्तर पर निगरानी कमेटी निगरानी रखे हुए है।
बॉक्स:
मंडल आयुक्त हेमा शर्मा ने राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पेपरलेस रजिस्ट्री, ऑटो म्यूटेशन सहित अन्य कार्यों को निर्धारित समय अवधि में पूरा करें, 48 घंटे से ज्यादा समय तक टोकन को लंबित न रखें। सभी एसडीएम इस कार्य पर कड़ी नजर रखें और तहसीलदार व नायब तहसीलदारों से समय-समय पर रिपोर्ट लें। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक राजस्व सेवाएं नागरिकों को घर बैठे अथवा नजदीकी सीएससी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएं। इसके तहत जमाबंदी, म्यूटेशन, डिजीटली साइंड रजिस्ट्री तथा अन्य राजस्व रिकॉर्ड को डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जमाबंदी में व्यक्ति के हिस्से की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने, छोटी करेक्शन को सरल बनाने तथा तकसीम जैसी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
बॉक्स: लंबित इंतकाल के मामलों का जल्द किया जाए निपटारा: हेमा शर्मा
मंडल आयुक्त ने समीक्षा के दौरान लंबित इंतकाल के मामले में निर्देश दिए कि इनका जल्द से जल्द निपटारा किया जाए। इस पर उपायुक्त ने अवगत कराया कि जिला में लंबित इंतकालों के निपटारे के लिए शनिवार व रविवार को विशेष कैंप लगाए जाएंगे और इस कार्य को एक सप्ताह के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने निशानदेही को लेकर भी निर्देश दिए कि इस कार्य में भी पेंडेंसी न रहे, समय पर निशानदेही करवाएं और आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए रोवर से भी निशानदेही करवा सकते हैं। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपनी उपस्थिति में एक-एक निशानदेही रोवर से करवाना सुनिश्चित करें, इससे समय और धन दोनों की बचत होगी।
इस मौके पर एडीसी डॉ. राहुल रईया, सीटीएम सुरेश कुमार, एसडीएम करनाल देवेंद्र शर्मा, एसडीएम घरौंडा अनुभव मेहता, एसडीएम इंद्री डॉ. रमन गुप्ता, एसडीएम असंध सुमित सिहाग, एसडीएम नीलोखेड़ी अशोक कुमार, डीआरओ श्याम लाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।